खबर सागर
सस्वती शिशु मंदिर कैम्टी में 150 वर्ष पर वंदे मातरम् गायन की धुन
नमामि भारतम् – वन्दे मातरम् सामूहिक गायन 150 वर्ष पूर्ण होने पर श्रीमती मणिबेन रावल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कैम्पटी में हर्ष उल्लास के साथ मनाया ।
शुक्रवार को पर्यटक स्थल कैम्टी के
मे वन्देमातरम सामूहिक गायन बडे हर्ष व उमंगता के साथ सुंदर गानयन प्रस्तुती के साथ मनाया ।
जिसमें भैया बहीनों सहित आम लोगों ने भारी संख्या में बढचढ़ कर हिस्सा लिया ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राजेश नौटियाल ने कहा कि पूरे देश में 150 वर्ष पुणे होने पर वंदे मातरम को बड़े हर्ष मनाया जा रहा ।
नौटियाल ने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन इसकी रचना की थी। *इसका अर्थ है – “माँ, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ” ।* साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित हुआ, बाद में इसे उनके प्रसिद्ध उपन्यास’आनंदमठ’ (1882) में शामिल किया गया।
पहली प्रस्तुति 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार स्वरबद्ध कर गाया था।
राष्ट्रगीत का दर्जा 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया। डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि इसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान दिया जाएगा।
उन्होने कहा कि 150वीं वर्षगांठ पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में एक वर्ष तक चलने वाले उत्सव का शुभारंभ किया,और स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया।
यह उत्सव *7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026* तक 4 चरणों में मनाया जा रहा है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता
मदन मोहन थ्वामी ने किया ।
इस मौके पर जमन सिंह रौथाण (प्रधानाचार्य) श्रीमती मणिबेन रावल,
डॉ राजेश नौटियाल मुख्य वक्ता .अर्जुन पंवार खणड कार्यवाह,
किशन पंवार प्रबंधक,
श्रीमती सीता पंवार ब्लॉक प्रमुख – जौनपुर ब्लॉक,श्रीमती कविता रौथेला (पूर्व जिला पंचायत सदस्य, नरेश पंवार,अनुप थपलियाल,अनिल
नौटियाल,खजान सजवाण, सबल सिंह राणा,अरविन्द बहुगुणा, कमल रावत,
श्रीमती वन्दना डंगवाल, सुरत पंवार,
श्रीमती सविता सेमवाल, श्रीमती संगीता पवार,
श्रीमती सुमित्रा कैंतुरा आदि उपस्थित थे ।



