खबर सागर
सविमं हाई स्कूल थत्यूड़ में नमामि भारतम वन्देमातरम् की 150 वर्ष का स्वर गुंजा
सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल थत्यूड में नमामि भारतम वन्देमातरम् की 150वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक वन्दे मातरम् गायन एक ही स्वर की धुन में सुन्दर प्रस्तुतीकरण किया गया ।
इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुभाष पडियार ने कहा कि देश की आजादी के
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में 1 साल तक स्मरणोत्सव मनाया जा रहा है।
भारत के लोक तंत्र में 1896 में कांग्रेस के शासन काल में कलकत्ता अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार स्वरबद्ध की धुन के साथ स्वर देकर गाया था।
स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका को लेकर 1905 में बंग-भंग आंदोलन में पहली बार राजनीतिक नारे के रूप में उपयोग हुआ। अंग्रेजों ने इसके गायन पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन लाखों क्रांतिकारियों ने ‘वंदे मातरम्’ कहते हुए फांसी के फंदे को चूमा। 1907 में मैडम भीकाजी कामा ने जर्मनी में जो पहला तिरंगा फहराया, उस पर वंदे मातरम् लिखा था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खेमराज भट्ट ने कहा कि वंदे मातरम के गायन को लेकर
इसको चार चरणों में बड़े उत्साह पूर्वक मनाया जा रहा है।
पहले चरण के शुरुआत- प्रथम चरण: 7 से 14 नवंबर 2025 को हुई । द्वितीय चरण: 19 से 26 जनवरी 2026 I तृतीय चरण: 7 से 15 अगस्त 2026 हर घर तिरंगा के साथ । चतुर्थ चरण, 01 से 07 नवम्बर तक संपन होगे ।
व्यवस्थापक सुरेन्द्र सिंह रावत ने वन्दे मातरम् गीत ने हमारे देश को एकता एवं अखंडता का बोध कराने की बात कही।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनदेव सिंह रावत ने वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि वन्दे मातरम् गीत हम सब को हमारे अतीत एवं वर्तमान को स्मरण कराता एवं राष्ट्र की प्रथम की भावना जागृत करता है। इस
कार्यक्रम में 273छात्र /छात्रा, अभिभावक एवं आम जन मानस उपस्थित रहे।
इस मौके पर सुभाष चन्द्र पंवार,सोहन सिंह, रमेश रावत, दिनेश रावत, नीलम,अम्बिका, सरस्वती रावत, सुनील थपलियाल,अकवीर पंवार, सुंदर सिंह कुलवीर रावत, सुनील महर, अमित गौड़ विपिन, राजेन्द्र आरती,पायल, प्रमिला, बबीता, रमेश लेखवार गोविन्द नेगी हीरामणी गौड़ आदि मौजूद रहे।



