उत्तराखंडपर्यटनमनोरंजनसामाजिक

रुद्रेश्वर महादेव का देवराणा मेले में श्रद्वालुओं की उमड़ी भीड़

खबर सागर

रुद्रेश्वर महादेव का देवराणा मेले में श्रद्वालुओं की उमड़ी भीड़

आस्था व श्रद्धा का प्रतिक पौराणीक लोक परंपराओं के साथ रुद्रेश्वर महादेव देवराणा ज़ातर मेला हर्ष उल्लास के साथ समापन हुआ । जिसमें दूर दराज क्षेत्र से भारी संख्या में दर्शन कर सुख समृद्धी की कामना की है।
बुधवार को क्षेत्र के 65 गांवों के आराध्य देव श्री रुद्रेश्वर महादेव प्रति वर्ष की भांती इस वर्ष भी एक दिन पूर्व ग्राम तियाँ थान मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकलकर भक्तों को दर्शन दिए ।

जिसमें इस पावन पर्व पर लेकर क्षेत्रभर में आस्था व उत्साह का माहौल देखने मिला है।
बतादे कि 30 जून को भगवान रुद्रेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकलें,और आज 1 जुलाई महादेव की दिव्य पालगी तियाँ गांव से पारंपरिक बाध्य यंत्रों और धार्मिक जयघोषों के बीच ऐतिहासिक डांडा देवराना मेले में पंहुची ।
वही बिभिन्न गांव से तोक अपनी लोक संस्कृति रासों के साथ मंदिर परिसर में पूरे उत्साह व जोश के साथ पंहुच कर दर्शन कर मन्न्रते मांगी ।

यहां डांडा देवराना में आयोजित होने वाला एक दिवसीय राजकीय मेले में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचकर अपने आराध्य देव के दर्शन करते हैं तथा सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
मेले के दौरान लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम का देवराणा मेला प्रसिद्ध माना जाता है।

खास बात है कि परंपरा के अनुसार शाम लगभग चार बजे भगवान रुद्रेश्वर महादेव भक्तों को दर्शन देकर आशीर्वाद देते हैं।
वही जातर मेले में
महिलांए व बच्चें आदि
जमकर खरीदारी की है।

स्थानीय श्री रुद्रेश्वर महादेव के पुजारी मोहित थपलियाल, माली संकित थपलियाल ने बताया कि 65 गांवों के आराध्य देव है । प्रति वर्ष आयोजित मले में सभी लोग पंहुचते है, और जो भी सच्चे मन से अपने आराध्य से मांगने मन्ते पूरी होती है।

इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष ठाकुर जगमोहन सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रियंका थपलियाल, चंद्रमणि, बालक राम बहुगुणा,
सुरेशान्दन, शांति प्रसाद थपलियाल,धनीराम, रामप्रकाश, सुभाष सेम वाल, संदीप, दौलतराम डोभाल, व्रहमानन्द, भरत राम उनियाल, दिनेश, दीपू उनियाल, विनोद बहुगुणा आदि उपास्थित थे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!