खबर सागर
तन्मय रावत का प्रथम दीप प्रकाश पर गुरु का आशीर्वाद
गुरु कृपा से मिला है ये रतन, आज मनाएं इसका पहला वंदन” की पंक्ति….
परम पूज्य संतलवदास जी महाराज के परम शिष्य नवीन रावत ने अपने द्वितीय पुत्र तन्यम रावत का पहला जन्म दिवस गुरु की कृपा व भगवान के भंजन संध्या में भक्तिमय रस को लेकर हर्ष उल्लास के साथ मनाया ।

शुक्रवार रात्री की पावन संध्या पर अपने निजी रेस्टोरेंट देव भूमि सुमन क्यारी में भंजन संध्या के साथ गुरु कृपा से शिष्य नहीं होता,वो गुरु के ज्ञान, संस्कार और परंपरा को आगे बढ़ाने वाला दीप बनता है।
और आज उसी दीप के साथ तन्मय का पहला प्रकाश दिवस है।

आज के परिवेश में आम लोगों की जीवन में गुरु की कृपा व संस्कार और भक्तिमय के रंग के रस में ईश्वर के गुणगान से धैर्य, त्याग, प्रेम और समर्पण – ये सब गुरु के शब्दों और ज्ञान प्रकाश से आम लोगों के जीवन में बदलवा आ रहा है।
इस धार्मिक जन्म दिन पर्व पर पुज्य गुरु देव के शिष्य विजय शास्त्री ने ” = गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बालक के माथे तिलक, गुरु आशीष बरसाए “- के साथ अपने प्रवचन में कहा कि गुरु की कृपा व आशीर्वाद ही इसकी और बताए मार्ग पर चलकर ही इसे संस्कारी, ज्ञानी और समाज के लिए उपयोगी का मार्ग है।

आज का दिन हमारे लिए बहुत ही आनंद और भक्ति से भरा रहा।
*तन्मय के पहले जन्मदिन के शुभ अवसर पर घर-आंगन में भक्तिमय माहौल था।
सभी ने ईश्वर का भजन कर तन्मय की जीवन की खुशहाली के लिए दुर्गा माँ से दीर्घायु और सुख-समृद्धि की प्रार्थना के साथ – संगीत सम्राट रामस्वरूप थपलिया द्वारा भजनों की गूंज से पूरा घर गूंज उठा। माताओं-बहनों ने मंगल गीत गाए और गुरुजनों ने आशीर्वाद दिया।

गुरु महाराज के आशीर्वाद से मिला यह नन्हा फूल आज एक साल का हो गया तन्मय ” ने इस धरती पर कदम रखा था, लगा जैसे घर में ईश्वर का ही रूप आया हो।
आज हमने कामना की कि – तन्मय का जीवन फूलों की तरह महके,
उसकी राह में गुरु का प्रकाश रहे,
और भगवान शंकर व माँ दुर्गा उसे हर संकट से बचाकर लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य दें।

भजन-कीर्तन के बाद आरती, प्रसाद भंडारा वितरण हुआ और सभी ने तन्मय को ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद दिया ।
जिसमें आचार्य कपिल सेमवाल, विजय शास्त्री डोभाल,गुरु बहीन प्रमिला, सरदार सिंह रावत, रोशन सिंह रावत व मामा पक्ष सहित भारी संख्या में गुरु – भाई बहीनें व आम लोगों इस धार्मिक जन्म दिवस के साक्षी बने ।



