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छाम के राजकीय ब्रॉयलर हैचरी बनी किसानों के आय श्रोत का आधार

खबर सागर

छाम के राजकीय ब्रॉयलर हैचरी बनी किसानों के आय श्रोत का आधार

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्थापित राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, छाम आज वैज्ञानिक एवं आधुनिक कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों और कुक्कुट पालकों को गुणवत्तापूर्ण ब्रॉयलर चूजे उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि हैचरी में प्रत्येक सप्ताह लगभग 3,500 से 4,000 ब्रॉयलर चूजों का उत्पादन किया जा रहा है। स्थापना के बाद से अब तक लगभग 95,000 चूजों का वितरण राज्य के विभिन्न जनपदों के किसानों एवं कुक्कुट पालकों को किया जा चुका है। किसानों को ये गुणवत्तापूर्ण चूजे बाजार मूल्य से ₹2 प्रति चूजा कम दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्थापित इस राजकीय ब्रॉयलर हैचरी की कुल लागत ₹301.97 लाख है, जिसमें निर्माण कार्य पर ₹238.71 लाख तथा उपकरणों की स्थापना पर ₹63.26 लाख व्यय किए गए हैं। यह उत्तराखण्ड की प्रथम राजकीय ब्रॉयलर हैचरी है, जहां लगभग 1200 वेंकॉब-430 (Vencobb-430) पैरेंट ब्रीडर पक्षियों का वैज्ञानिक ढंग से पालन किया जा रहा है। आधुनिक सेटर एवं हैचर मशीनों के माध्यम से अंडों का वैज्ञानिक ऊष्मायन कर उच्च गुणवत्ता वाले डे-ओल्ड ब्रॉयलर चूजों का उत्पादन किया जा रहा है।

राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, छाम से उत्पादित चूजों का वितरण टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है। इससे किसानों और कुक्कुट पालकों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चूजे उपलब्ध हो रहे हैं।

साक्षी बिजल्वाण प्रभारी अधिकारी राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र छाम ने बताया कि प्रक्षेत्र में चूजों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए जैव सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, तापमान एवं आर्द्रता का वैज्ञानिक नियंत्रण तथा आधुनिक हैचरी प्रबंधन के माध्यम से स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण चूजों का उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले चूजे उपलब्ध कराने के साथ कुक्कुट पालन में होने वाले जोखिम को कम करने में भी सहायता मिल रही है।

राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, छाम सरकार की किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की पहल का प्रभावी उदाहरण बन रहा है। हैचरी के माध्यम से एक ओर किसानों को किफायती दर पर गुणवत्तापूर्ण चूजे उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुक्कुट पालन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में कम भूमि पर भी कुक्कुट पालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

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