
खबर सागर
भेडपालक छः माह प्रवास के लिए बुग्याल क्षेत्र की ओर हुए रवाना ।
सीमांत क्षेत्रों के भेड़पालकों ने एक बार फिर अपनी सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए छः माह के ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए ऊँचाई वाले बुग्यालों की ओर कूच कर दिया है।
मौसम के अनुकूल होते ही भेड़पालक अपने परिवारों व मवेशियों के साथ निचले इलाकों से निकलकर हरे-भरे चारागाहों की ओर बढ़ गए हैं। भेड़पालकों का यह मौसमी प्रवास स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारंपरिक आजीविका का अहम हिस्सा है।
सर्दियों के दौरान निचले क्षेत्रों में रहने के बाद, गर्मियों में वे अपने झुंडों के साथ ऊँचाई वाले बुग्यालों में जाते हैं, जहां उन्हें प्रचुर मात्रा में हरी घास उपलब्ध होती है।
इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और ऊन व दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
प्रवास के दौरान भेड़पालकों को कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। दुर्गम रास्ते, मौसम की अनिश्चितता और जंगली जानवरों का खतरा उनके लिए चुनौती बना रहता है। इसके बावजूद वे अपनी परंपरा को जीवित रखते हुए हर वर्ष यह यात्रा करते हैं।



