
खबर सागर
हरिद्वार के कनखल- महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक
धर्मनगरी हरिद्वार में कनखल स्थित जगतगुरु आश्रम में आज भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के वरिष्ठ संतों की गरिमामयी उपस्थिति में स्वामी कपिलानंद सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर भव्य पट्टाभिषेक संपन्न हुआ।
इस विशेष आयोजन में संतों ने सनातन धर्म और अखाड़ा परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजन की अध्यक्षता जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने की।
हरिद्वार स्थित कनखल के जगतगुरु आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वामी कपिलानंद सरस्वती का महामंडलेश्वर पद पर चादर विधि और तिलक समारोह का दिव्य भव्य आयोजन हुआ अखाड़ा परंपरा के अनुसार, विधि-विधान से स्वामी कपिलानंद को निरंजनी अखाड़े के ‘महामंडलेश्वर’ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, श्री महंत रविंद्र पुरी समेत संत समाज की कई दिग्गज विभूतियाँ मौजूद रहीं।साथ ही समारोह में निरंजनी अखाड़े के सचिव रामरतन गिरी के साथ-साथ अन्य अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। पट्टाभिषेक के बाद संतों ने उम्मीद जताई कि इस नियुक्ति से अखाड़ा परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं, नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती ने इस जिम्मेदारी को सेवा का एक नया अवसर बताया है।
स्वामी कपिलानंद सरस्वती के महामंडलेश्वर बनने से उनके अनुयायियों में भारी उत्साह है। संतों का मानना है कि आने वाले समय में वे सनातन संस्कृति और अखाड़े की गरिमा को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।
स्वामी कपिलानंद सरस्वती के महामंडलेश्वर बनने से उनके अनुयायियों में भारी उत्साह है। संतों का मानना है कि आने वाले समय में वे सनातन संस्कृति और अखाड़े की गरिमा को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।



