
खबर सागर
जाखधार में पांच दिवसीय आध्यमिक संस्कार शिविर का समापन
विद्यार्थी जीवन, आचारण व संस्कारों की शिक्षा को लेकर शरणागति सनातन धर्म सेवा आश्रम जाखधार में पांच दिवसीय आध्यमिक संस्कार शिविर का समापन हुआ। जिसमें विद्यार्थीयों को जीवन में उपयोगी आचरण व संस्कार आदि की जानकारी दी गई ।
मंगलवार को शरणागति सनातन धर्म सेवा आश्रम जाखधार में राष्ट्रीय संत लवदास महाराज जी के सानिध्य में प्रति वर्ष की भांती इस बार में बिभिन्न गांव से पंहुचें 60 विद्यार्थी युवाओं ने प्रतिभा किया ।
शिविर में प्रति दिन योग भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सेवा भावना एवं आध्यात्मिक, व्यक्तित्व विकास और जीवन के महत्वपूर्ण संस्कार आदि शिक्षा की जानकारी दी गई ।
समापन अवसर पर प्रशिक्षक आचार्य कपिल सेमवाल आदि ने बताया संस्कार ही मनुष्य के जीवन की वास्तविक पूंजी हैं। जिसमें सनातन धर्म में संस्कृति, सदाचार एवं मानव सेवा के मार्ग पर चलने प्रेरणा के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण आदि के गुहर प्रदान किए जाते है।
साथ ही योग, ध्यान, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, व्यक्तित्व विकास एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन में पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ सभी कार्यक्रमों में जमकर आन्दन उठाया ।
शिविर के समापन पर सफल संचालन में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियो को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
इस मौके पर शरणागति सनातन धर्म आश्रम जाखधार की प्रबधिका सहयोगनि प्रतिमा सजवाण, कपिल सेमवाल आचार्य, मनोज कैन्तुरा, युगल दास, किरन राणा आदि उपास्थित रहे ।



