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सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट लेकर सख्त कार्यवाही करें-जिलाधिकारी टिहरी

खबर सागर

सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट लेकर सख्त कार्यवाही करें-जिलाधिकारी टिहरी

 

जिला सभागार नई टिहरी में बुधवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। हेलमेट पहनने को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट बहुत जरूरी है।
इससे सिर और मस्तिष्क की चोटों का खतरा कम होता है। हेलमेट पहनने पर विशेष फोकस करते हुए पुलिस, परिवहन और राजस्व विभाग को राष्ट्रीय राजमार्गों पर संयुक्त निरीक्षण कर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ, पीएमजीएसवाई एवं नगर निकाय के अधिकारियों को सड़कों पर लगाये गये अनावश्यक साइन बोर्ड को हटाने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने सड़कों पर लगाये गये क्रैश बैरियरों एवं सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़कों पर लगाये गये क्रैश बैरियरों की रेण्डमली चेकिंग करने एवं थर्ड पार्टी से मुआयना करवाने, नशामुक्ति को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने, मोटर वाहन अधिनियम के तहत चैकिंग अभियान चलाने तथा शराब पीकर वाहन चलाने एवं मानकों से अधिक गति से चलने वालों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि पहले महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता पर किये जाने वाले निर्माण कार्यों के प्राक्कलन उपलब्ध करायें। जनपद मुख्यालय की अन्तरिक सड़क सुरक्षा को लेकर जल्द स्पीड ब्रेकर लगवाने तथा आन्तरिक सड़कों के गड्ढों का भरवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये।

  1. जिलाधिकारी ने बीआरओ के अधिकारी को एनएच-34 पर क्रैश बेरियर जहां दबे हुए हैं, उन्हें ठीक करने तथा भूस्खलन वाले स्थानों पर ढलान उपचार के बाद शीघ्र मलबा हटवाने को कहा। एसडीएम टिहरी, बीआरओ और संबंधित ठेकेदार की संयुक्त टीम को चम्बा-छाम मोटर मार्ग का सात दिन के अन्दर निरीक्षण करने को कहा गया।                                        मलेथा-डाईजर मोटर मार्ग की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को मोटर पर लगाये जा रहे पैराफिट की गुणवत्ता चैक करने एवं थर्ड पार्टी से निरीक्षण करवाने को कहा तथा एएसपी को मोटर मार्ग पर चौरी हुए कै्रश बैरियर के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।                                              बैठक में जिलाधिकारी ने घनसाली-घुत्तू मोटर मार्ग, इठारना- कुखई, टिहरी-जाख, उनालगांव-कोटा, रानीचौरी-गजा-नकोट, अगुण्डा, झाला, कैम्पटी़, रानीपोखरी, थत्यूड़ आदि मोटर मार्गों तथा सौंदणा व रगड़गाँव में चल रहे ट्राली एवं पुल निर्माण कार्याें की अद्यतन जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में एसएसपी जे.आर. जोशी ने भद्रकाली में पीडब्लूडी तिराहा से ब्रहमानन्द तक वाहनों की गति कम करने को लेकर मजबूत बैरियर लगाने की बात कही।
एआरटीओ संदीप राज ने बताया कि जनपद में गत वर्ष के सापेक्ष सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है, पर हताहतों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न अभियोगों में किये चालान, वाहनों को जारी ट्रिपा कार्ड आदि के बारे में जानकारी दी।

बैठक में एडीएम के.के. मिश्रा, सीएमओ श्याम विजय, एसडीएम टिहरी संदीप कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी अवगत कराया ।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस न तो परेशान करती है और न कोई केस होता है।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को अपना नाम और पता देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस व्यक्तिगत रूप से कहीं आने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले से अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाएगी।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सिविल या आपराधिक दायित्व से बचाया जाएगा।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को प्रोत्साहित किया जाता है।

घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को आई विटनेस बनना होता है, लेकिन कोर्ट में गवाही के लिए नहीं आना होता।

अगर घायल या उसे अस्पताल पहुंचाने वाले के साथ कोई डॉक्टर मिसबिहेव करता है, तो उसके ख़िलाफ़ शिकायत की जा सकती है।

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