
खबर सागर
मानवता की मिसाल-1200 लावारिसों की अस्थियों गंगा की गोद में किया विर्सजन
धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल स्थित सतीघाट पर आज एक अत्यंत भावुक और पुण्यमयी दृश्य देखने को मिला। हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित की गईं 1200 लावारिस आत्माओं की अस्थियों को ‘अपना आशियाना आश्रम’ (करनाल) के तत्वावधान में पूरे विधि-विधान के साथ मोक्षदायिनी गंगा में विसर्जित किया गया।
अस्थि विसर्जन से पूर्व सतीघाट पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना, भव्य हवन और शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान वातावरण को भक्तिमय बनाने के लिए भजन संध्या का भी आयोजन हुआ।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की, जिन्हें अंतिम समय में अपनों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ था। आश्रम के पदाधिकारीयों ने बताया कि संस्था न केवल अस्थि विसर्जन करती है, बल्कि निर्धन परिवारों को दाह संस्कार की सामग्री भी उपलब्ध कराती है।
आश्रम के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष श्मशान घाटों से अज्ञात शवों की अस्थियां एकत्रित करते हैं। उन्होंने कहा की इन लावारिस दिवंगतों का कोई परिवार नहीं था, लेकिन गंगा मैया की गोद में विसर्जन कर हमने उनके परिजनों की कमी को पूरा करने का प्रयास के साथ मोक्ष पर हर जीव का अधिकार है।
बाइट:–चरणजीत बाली अध्यक्ष
बाइट:–अन्नू मदान सदस्य



