खबर सागर
श्रीमद भागवत महापुरण कथा व मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का शुम्भारंभ
सरदार सिंह राजकीय इंटर कालेंज में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ । जिसमें चार देव पालगी व डोली और सात नव निर्मित मूर्ति की भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली ।
शुक्रवार को विश्व शक्ति योग जन सेवा समिती के तत्वाधान में रांइका नैनबाग के सांस्कृतिक कला मंच में आयोजित हुई । कथा से पूर्व नाग देवता की पालकी भद्रराज देवता की पालगी व मां भद्रकाली की डोली और माहाशू देवता का डोरिया( चिन्ह )व सात नवनिर्मित मूर्तियो के साथ कथा पंडाल से मुख्य बाजार होते हुए यमुना नदी तक भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली । जहा स्नान व जल भरकर वापस कथा पाण्डल तक पंहुची, जिसमें भारी संख्या में महिलाएं आदि श्रद्वालुओं ने हिस्सा लिया ।इस दौरान कई देवता के पश्वा अवतारित हुए ।
कथावाचक संत लवदास जी महाराज ने प्रथम दिवसीय कथा में अपने मधुर वाणी में प्रवचन करते भागवत महापुराण का महत्व समझाते हुए कहा कि यह ग्रंथ कलियुग का साक्षात कल्पवृक्ष है।
उन्होने कहा कि आज के परिवेश में कथा व सत्संग से ही मनुष्य के जीवन में क्रोध, लोभ, लालच व शाती का वास की शांती मिलती है। जिसमें ध्रव जैसे सच्चे भक्त ने अपना जीवन ईश्वर की भक्ति लगाकर आज अमर है।
संत ने कहा कि भागवत महापुराण 18 पुराणों में सर्वश्रेष्ठ है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम है।
साथ ही भागवत में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर रासलीला तक का वर्णन है। इन लीलाओं का श्रवण करने से हृदय शुद्ध होता है और प्रभु के प्रेम जागृत होने के साथ
कलियुग में केवल भगवान के नाम से ही मुक्ति संभव है।
इस मौके पर संत बालक दास, आचार्य कपिल सेमवाल, रोहित मिश्रा, दीपक नौटियाल, नितिन नागदेवता ठाणी गम्भीर सिंह सजवाण, बिरेंद्र गौड़ मोहन लाल नौटियाल, बिरेन्द्र दत्त नौटियाल, महाशू देवता माली संजीव नौटियाल, जिपं सदस्य जोत सिंह रावत, दर्शन लाल नौटियाल,गम्भीर सिंह रावत, राजेश कैन्तुरा, सुरेन्द्र सेमवाल, दिनेश तोमर, सरदार सिंह, बचन सिह रावत, अर्जून सिंह रावत, प्रमिला देवी, . प्रतिमा सजवाण,पवित्रा देवी, सुनीता राणा, दीपिका, जया देवी, नीलम धिमान,जिरा देवी, गोपाल सिंह, भरत सिह राणा, सागर, सपना डोभाल, सूरत सिंह कैन्तुरा, अरविन्द कंडारी,आदि उपस्थित थे।



