खबर सागर
आस्था उत्साह में दयारा बुग्याल में गूंजी मक्खन की होली
जनपद उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में आज भी लोक संस्कृति और परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को बेखूबी मिला। जहां 11 हजार फीट की ऊंचाई पर प्रसिद्ध अंडूडी उत्सव में मक्खन की होली जमकर भारी बारिश और खराब मौसम के अनुकूल ग्रामीणों व पर्यटकों के उत्साह में के खेली गई ।
उत्तराखणड के दूर सभीवर्ती क्षेत्र में उत्तरकाशी के रैथल गांव और दयारा बुग्याल में दो दिवसीय अंदूरी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मखमली घास के मैदानों के बीच ग्रामीणों ने मक्खन की होली खेलकर सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत किया।
भारी बारिश के बावजूद उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और पर्यटक पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने लोकगीत और लोकनृत्य के जरिए पहाड़ी संस्कृति की शानदार झलक पेश की।
मुख्य आकर्षण का केन्द्र राधा -कृष्ण के साथ मटकी फोड़ते ही ग्रामीण झूम पड़े।
मनोज राणा अध्यक्ष दायारा पंच गांव समिती ने बताया कि
दयारा बुग्याल में मक्खन की होली सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आस्था, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी सदियों पुरानी विरासत है। यही वजह है कि हर साल देश-दुनिया से पर्यटक इस अनूठे आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचते हैं।
किशोर भट्ट भाजपा नेता ने कहा कि
मक्खन की होली के साथ दयारा बुग्याल एक बार फिर लोक संस्कृति, परंपरा और पर्यटन का केंद्र बन गया है। उन्होने
यह उत्सव ग्रामीण और प्रकृति के बीच का एक बड़ा रिश्ता विश्वास दिखाता है पहाड़ की सदियों पुरानी परंपरा, प्रकृति की खूबसूरती और ग्रामीणों का दयारा बुग्याल का अंदूरी उत्सव एक बार फिर अपनी खास पहचान छोड़ गया।



