
खबर सागर
जौनपुर की लोक संस्कृति में सावन मास में बद्रीगाड नदी में भरुवा मौण मेले आयोजित किया गया । जिसमें आस पास क्षेत्र के ग्रामीणों ने लोगो ने बढ चढ कर हिस्सा लेकर मच्छी पकड़ी ।
शुक्रवार को दोपहर 11 बजे मसोन खाले के नीचे बद्रीगाड नदी में टिमरू पाऊण्डर मौण नदी में डालने के बार हर्ष उल्लास के साथ मच्छी पकड़ने की होड शुरु हो गई ।


जौनपुर के तहत अगलाड नदी में माह जून में आयोजित राजशाही मौणा मेले के ठीक एक माह बाद पौराणिक समय चली आ रही परम्परा के आधार पर बद्रीगाड मे भरुवा मौण मेला आयोजित किया गया ।
जिसमे आस पास के पट्टी लालूर के 19 गांव सहित सिलवाड के 16 के अलाव आस पास जौनसार के लोग ने भी इस भरुवा मौण मेले मे नदी में मच्छी पकड़ने पंहुचे ।
स्थानीय बचन सिंह ,शूखीर सिंह , रणवीर सिंह आदि का कहना है कि भरुवा मौण मेला राजशाही मौण के एक माह बाद नदी में पानी अधिक होने के यह भरुवा मौण आयोजित होता है। जो कि पौराणीक समय यह मौण मेला आयोगजित होता आ रहा है।
मच्छी पकड़ने के बाद रात्री को मौण मेला को एक त्यौहार के रूप में धूम धाम से मनाया जाता है।
इस मौण मेले में नदी में पानी अधिक के चलते भरुवा मौण में मच्छी भी अधिक होती है। जिससे इस मौण मेले को भरुवाक नाम से मनाया जाता है।



