उत्तराखंडपर्यटन

मुखवा से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्तान हुई मां गंगा की डोली

खबर सागर

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर शुक्रवार 10 मई को खोल दिए जाएंगे। यमुनोत्री धाम में कपाट खोले जाने का समय पूर्वाह्न 10.29 बजे निर्धारित है ।
गगोत्री धाम में अपराह्न 12.25 बजे कपाटोद्घाटन होगा। कपाटोद्घाटन के लिए आज गंगा जी की उत्सव प्रतिमा को शीतकालीन प्रवास स्थान मुखवा गांव से डोली में बिठाकर कर गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करवाया गया। जबकि यमुना जी की डोली यात्रा भी शीतकालीन प्रवास स्थान खरसाली गांव से शुक्रवार 10 मई की सुबह 6.29 बजे यमुनोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी।

कपाटोद्घाटन को लेकर आध्यात्म और संस्कृति की स्रोत प्राणदायिनी गंगा एवं यमुना नदी के उद्गम क्षेत्र में उल्लास और उत्सव का माहौल है और गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर की फूलों से भव्य सजावट की गई है। प्रशासन के द्वारा तीर्थयात्रियों के स्वागत एवं सुविधाओं के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
तीर्थधामों के कपाटोद्घाटन के साथ ही चारधाम यात्रा के इस वर्ष के सत्र का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।

गंगा जी के मायके मुखवा गॉंव में आज पूजा अभिषेक के साथ लोक देवता समेश्वर तथा ग्रामीणों ने बेटी की तरह गंगा जी को डोली में बिठाकर तीर्थ पुरोहितों की अगुवाई में दोपहर बाद गंगोत्री धाम के लिए विदा किया।
इस दौरान सेना के बैंड एवं लोक वाद्यों के साथ ही देव डोलियों के पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी अनूठा समां बांधा।
परंपरानुसार गंगा जी की ‘जलसा‘ यात्रा का पड़ाव आज भैरोघाटी में हैं और शुक्रवार 10 मई की सुबह भैरोघाटी से गंगा जी की डोली यात्रा गंगोत्री पुरी पहॅुंचेगी।

उधर यमुना जी की डोली को भी कल सुबह उनके भाई शनिदेव के आगवानी में परंपरापनुसार खरसाली गॉंव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना किया जाएगा। यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा का दक्षिणावर्त क्रम शुरू हो जाएगा।

जिला प्रशासन के द्वारा चारधाम यात्रियों के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासन के उच्चाधिकारी यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए धामों पर ही कैम्प कर रहे हैं।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभागों को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखे जाने के निर्देश देते हुए ।
चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए निरंतर मुस्तैद रहने को कहा है।

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