खबर सागर
देवप्रयाग टिहरी में जनपद स्तरीय संस्कृतस्पर्धा का भव्य शुभारंभ
उत्तराखंड संस्कृत संस्थान हरिद्वार की ओर से सत्र 2026-27 के लिए जनपद टिहरी की संस्कृतस्पर्धा का आयोजन पतंजलि गुरुकुलम् मूल्याग्राम देवप्रयाग में विधिवत उद्घाटन किया गया ।
जिसमें भाषा के प्रचार प्रसार संरक्षण संवर्धन और जन जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित होने वाली इन प्रतियोगिताओं में जनपद के 9 विकासखण्डों से 648 प्रतिभागा इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रघुनाथ कीर्ति परिसर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पी वी सी सुब्रमण्यम् के द्वारा संस्कृत भाषा की महत्ता के विषय में व्यापक व्याख्यान उद्देश्यो का वर्णन किया गया । उन्होने कहा कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है इसको पढ़ने से व्यक्ति के अंदर संस्कारों का जागरण स्वयं ही होता,ज्ञान व धर्म व समाज के प्रति प्रेम भाव का संचार होता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार श्री निलय उपाध्याय के द्वारा संस्कृत साहित्य की उपादयता के विषय में बताते हुए कहा गया की संस्कृत साहित्य एक समृद्ध साहित्य है इसमें संस्कृति एवं संस्कार मनुष्य के स्वयं ही जागृत हो जाते हैं।
डा. भारती कनौजिया के द्वारा कहा गया की संस्कृत देववाणी है,इसको पढ़ने से मनुष्य के अंदर एक नवीन चेतना तथा स्वयं को जानने की सत्यता प्रतीत होती है । पतंजलि गुरुकुलम की प्राचार्या साध्वी देवश्रुति के द्वारा कहा गया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्र- छात्राओं के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी । कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि श्री विश्वेश वाग्मी के द्वारा कहा गया कि संस्कृत देवभाषा संस्कृत वैज्ञानिक लिपि के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए बहुत उपयोगी है।
जनपद संयोजक डॉ० शैलेंद्र दत्त डोभाल द्वारा उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के संपूर्ण कार्यवृत्त एवं योजनाओं का विस्तार से सभी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के समक्ष विस्तार से रखा गया । जनपदसहसंयोजक डॉ० चंद्रशेखर नौटियाल ने बताया कि यह प्रतियोगिता दिनांक 7 और 8 अक्टूबर को 2 दिन तक चलेगी तथा इसमें प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान का प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं नगद धनराशि प्रदान की जाएगी तथा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में दिनांक 23 -24 अक्टूबर को हरिद्वार में प्रतिभाग करेंगे,प्रतियोगिताओं को दो वर्गों में बांटा गया है। कनिष्ठ वर्ग एवं वरिष्ठ वर्ग कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के समस्त छात्र- छात्राएं प्रतिभाग कर सकते हैं तथा वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 11 से स्नातकोत्तर तक के छात्र-छात्राएं भाग ले सकते हैं यह प्रतियोगिता संस्कृत नाटक, संस्कृत समूह गान, संस्कृत समूह नृत्य, संस्कृतवाद विवाद, संस्कृत आशुभाषण, संस्कृत श्लोकोच्चारण कुल 6 विधाओं में आयोजित हो रही है संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस प्रतियोगिता में समस्त राजकीय, अशासकीय ,निजी, केंद्रीय विद्यालय ,नवोदय विद्यालय, संस्कृत विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर आदि समस्त विद्यालयों के छात्र-छात्राएं इसमें भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर ख्यालीराम डिमरी पुष्पेंद्र शर्मा नीरज पैन्यूली डाॅ० मंत्री प्रसाद सेमवाल डॉ० कमल डिमरी चिंतामणि नवानी सोहनलाल गौड सहित 9 विकासखंडों के समस्त खंड संयोजक निर्णायक गण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे ।



