
खबर सागर
पलायन की मार से वीरान गांव ढरोगी में ध्याणि मिलन समारोह
क्षेत्र में पलायन की मार से वीरान गांव ढरोगी में ध्याणि मिलन समारोह
में आयोजित कर धेनुमानश गौ कथा विराम के साथ ध्याणियों की विदाई भावुकमय हो गया । जिसमें पैतृक गांव में बार बार मिलने के वायदे व भाईयों को गांव आते रहने की नसीहत के साथ भावुक क्षणों को अपनी आंखों में समेटे सभी ध्याणियां अपने अपने घरों गांव को चली गई।
थौलधार विकास खण्ड के ग्राम ढरोगी में सभी ध्याणियों (विवाहित बेटियां) ने अपनी जन्मभूमि गांव में ध्याणि मिलन समारोह के निमित्त पांच दिवसीय धेनुमानश गौ कथा का आयोजन किया।कथा वक्ता गोपाल मणी जी महाराज के सुपुत्र सीताशरण ने पांच दिनों तक अपने प्रवचनों में जहां ध्याणियों को जन्मभूमि की महत्ता व बचपन की यादों से निरन्तर भावुक किया ।
वही ग्रामीण को भी अपनी पैतृक भूमि की दैवीय शक्ति की महत्ता बताते हुए, गांव को आवाद रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि आप अपनी जीविकोपार्जन के लिए कहीं भी जाएं किन्तु अपने मूल को अपने आवागमन से अभिसिंचित करते रहें। पैतृक भूमि का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
ध्याणि मिलन समारोह में गांव की अस्सी वर्ष से नव विवाहित बेटियों तक 155 ध्याणियां पहुंची। कभी अपने बचपन में गांव की गलियों में उछल कूद मचाने वाली बेटियां इस अवसर पर अपने बचपन की यादों में लिपटी दिखीं। ग्रामीणों द्वारा ध्याणियों के मिलन समारोह व धेनुमानश गौ कथा में पूरा सहयोग किया गया।
ग्राम प्रधान श्रीमती मधु खण्डूड़ी व उनके पति दीपक खण्डूड़ी निरन्तर सेवा में लीन रहे। पांच दिनों तक ध्याणियों सहित पूरे गांव के भोजन की व्यवस्था स्वयं की। विदाई में ध्याणियों को मिष्ठान व गांव के कुल देवता नागराजा का चित्र प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट किया। ध्याणियों का विदाई का क्षण काफी भावुक रहा,सभी की आंखें नम हो गई। ध्याणियों ने अपने कुल देवता नागराजा का आशीर्वाद लेते हुए मैतियों को भी मंगल कामना की मनौती मांगी।मैतियों से आग्रह किया कि गांव को ऐसे ही निरन्तर आवागमन बनाए रखते हुए आवाद रखें। गांव के प्रवासी भी इस मौके पर बड़ी संख्या में गांव आए।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती मधु खण्डूड़ी,दीपक खण्डूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश रतूड़ी, बृजलाल खण्डूड़ी,कीर्तिमणी . रतूड़ी, वेदप्रकाश डिमरी,जयेन्द्र प्रसाद, हितेश्वर प्रसाद, भगवती प्रसाद आदि उपस्थित रही ।.



