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गैरसैंण में मानसून सत्र से पहले आरोप -प्रति आरोप की राजनीति

खबर सागर

 

गैरसैंण में मानसून सत्र से पहले आरोप -प्रति आरोप की राजनीति

 

उत्तराखंड की धामी सरकार ने मानसून सत्र की तैयारी पूरी कर ली है। मानसून की बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्र गैरसैँण के भराडीसैण स्थित विधानसभा में सत्र आयोजित कराना सरकार के लिए बेहद चुनौतिपूर्ण है। हांलाकि सरकार पूरी तैयारी का दावा कर रही है। वहीं विपक्ष सत्तापक्ष से सत्र की अवधि को कम से कम 15 दिनों तक चलाने की मांग पर अड़ा हुआ है। विपक्ष का तर्क है।
आपदा, बेरोजगारी, महंगाई, बदहाल कानून व्यवस्था समेत राज्य के सभी विधायकों के सवालों के जवाब के लिए सरकार को सत्र की अवधि बढ़ानी होगी। वहीं एक तरफ जहां कांग्रेस के विधायक सदन के भीतर सत्तापक्ष को राज्य के तमाम मुद्दों को लेकर घेरने की कोशिश करेंगे तो वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत सड़क पर राज्य सरकार के खिलाफ उपवास पर बैठेंगे।

हरीश रावत का कहना है कि भाजपा ने गैरसैँण की उपेक्षा की है और गैरसैँण का अपमान किया है। कांग्रेस के शासनकाल के बाद गैरसैण में विकास के कोई कार्य नहीं किये। इसके विरोध में वह उपवास पर बैठने जा रहे हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर गैरसैण के मुद्दे पर सियासी घमासान छिड़ गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं।

दअरसल हरीश रावत 21 अगस्त को गैरसैण में उपवास पर बैठेंगे। हरीश रावत का आरोप है कि भाजपा ने गैरसैण की उपेक्षा की है।
गैरसैण में जो विकास कार्य कांग्रेस शासनकाल में हुए उससे आगे भाजपा ने कोई कार्य नहीं किये। हरीश रावत का कहना है कि भाजपा ने गैरसैण का अपमान और गैरसैण की उपेक्षा की है। वहीं हरीश रावत के इन आरोपों पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि हरीश रावत को मीडिया की सुर्खियों में बने रहना पसंद है।
जबकि गैरसैँण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा भाजपा सरकार ने दिया है। वहीं यूकेडी भाजपा-कांग्रेस पर गैरसैण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है।

वहीं महिला कांग्रेस भी सरकार को घेरने का काम करेगी। सत्र के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला उत्तराखंड में महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध और बतलतकार, पहाड़ों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड, xray मशीनों की सुविधा,अग्निवीर योजना, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन करेगी।

बाइट – ज्योति रौतेला प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस।

वही भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के काफी वरिष्ठ नेता है और पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं। जिस तरीके से हरीश रावत मौन व्रत करते हैं इस प्रकार से वह गैरसैंण में मौन व्रत रखने की बात कर रहे हैं।

मनवीर चौहान ने कहा कि हरीश रावत को अब मौन व्रत में ही रहना चाहिए, क्योंकि उनकी सरकार में गैसों में कुछ नहीं किया गया हमारी सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का काम किया।

और गैरसैंण के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया इसलिए हरीश रावत को अब मौन ही रहना चाहिए यही अच्छा है।

राज्य में 24 वर्ष बाद भी गैरसैण के मुद्दे पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां भाजपा गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है।

तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस गैरसैण में विधानसभा भवन बनाने के साथ ही अन्य कार्यों को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। हांलाकि गैरसैण को राज्य की स्थाई राजधानी अबतक क्यों नहीं बनाया गया।
इसपर दोनों ही दल खामोश है। देखना होगा गैरसैण पर जारी सियासत कब थमेगी।

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