उत्तराखंड

प्रधानमंत्री ने केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग का उद्घाटन

खबर सागर

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़वाल जिले में स्थापित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग का वर्चुअली उद्घाटन किया। लगभग 126 करोड़ रुपए की लागत से देवप्रयाग में रघुनाथ कीर्ति परिसर की स्थापना की गई है।
इस विश्वविद्यालय में देशभर से छात्र भारतीय संस्कृति, वेद, पुराण और धर्म की शिक्षा लेने आते हैं।
उत्तराखंड पारंपरिक विद्याओं के लिए देश विदेश में जाना जाता है। वेद, ज्योतिष, व्याकरण, संस्कृत के प्रचार प्रसार में उत्तराखंड वासियों का अहम योगदान रहा है। वर्ष 1908 में एक महाविद्यालय की स्थापना देवप्रयाग स्थित नृसिंहाचल में हुई थी। जहां अध्ययन और अध्यापन करने वाले विद्वानों ने लाहौर, इलाहाबाद, आगरा, काशी जैसे स्थानों में प्रवास कर अध्यापन कार्य किया।
इस महाविद्यालय की स्थापना के ठीक 108 साल बाद वर्ष 2016 में भारत सरकार ने रघुनाथ कीर्ति महाविद्यालय का अधिग्रहण यहां केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के अभिन्न परिसर (रघुनाथ कीर्ति परिसर)की स्थापना की।इस परिसर में 8 छात्रावास, एक प्रशासनिक भवन, दो शैक्षिक भवन, एक अतिथि भवन का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में सबसे ज्यादा संस्कृत के छात्र इसी रघुनाथ कीर्ति परिसर में हैं।

परिसर के लोकार्पण के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीनिवास बरखेड़ी ने कहा कि यह देश के लिए गौरव के क्षण हैं जव देवभूमि के संगम स्थल देवप्रयाग में देवभाषा के राष्ट्रीय स्तर का संस्थान प्रधानमंत्री जीने देश को समर्पित किया।इस परिसर में अभी छह सौ शिक्षार्थियों की रहने की व्यवस्था है यहां एक हजार छात्रों के रहने की व्यवस्था की जा रही है।आज ही प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र की शुरुआत इस परिसर में की गई है। यहां अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का योग केंद्र स्थापित किया गया है।यहां सोलह राज्यों के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।

रघुनाथ परिसर के लोकार्पण समारोह में देवप्रयाग में उपस्थित योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि देवप्रयाग में उत्तराखंड का सबसे बड़ा संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब संस्कृत के प्रति विश्वास बढ़ा है अब संस्कृत के ज्ञानी सभी क्षेत्रों में गौरव स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन के इस गौरवकाल में संस्कृत और संस्कृति का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है और ये केन्द्र उसी परंपरा के केंद्र हैं।

लोकार्पण समारोह में रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रोफेसर.पीवीबी सुब्रमण्यम ने कहा कि अध्ययन की दृष्टि से यह केन्द्र बहुत उम्दा केन्द्र है जहा अध्ययनरत छात्रों के लिए शहरी सुविधाओं के सापेक्ष बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमारा केन्द्र भी विकसित भारत 2047 अभियान से जुड़ा है जिसके लिए इस परिसर के ऊर्जावान छात्र जी जान से जुड़ गए हैं।

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