
खबर सागर
मसूरी में डीएफओ अमित कवंर ने हाथीपांव क्लाउड एंड दुदली क्षेत्र का निरीक्षण
मसूरी के हाथीपांव क्लाउड एंड दुदली क्षेत्र का डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) वन विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने सड़क किनारे की गई फेंचिंग (बाड़बंदी) को हटाने का आदेश दिया और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह कदम वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में हस्तक्षेप को रोकने और उनकी स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बता दे की हाल में हाथी पाव, क्लाउड एंड और दुधली क्षेत्र में भूमफियाओं द्वारा सडक के दोनो किनारे पर लोहे के तारो से फेंचिंग (बाड़बंदी) कर दी थी जिसमें जगली जानवर फंस कर घायल हो रहे थे जिसका वीडियों सोषल मिडिया में वायरल हुआ था ।
जिसका संज्ञान डीएफओ अमित कंवर द्वारा लिया गया और वन विभाग के अधिकारियों को हाथीपांव, क्लाउड एंड और दुधली क्षेत्र में लोगों द्वारा सडक किनारे लगे फेंचिंग (बाड़बंदी) को हटाने के निर्देश दिये गए थे। डीएफओ अमित कंवर द्वारा गुरूवार को मसूरी के हाथीपांव क्लाउड एंड दुदली क्षेत्र का निरीक्षण किया गया वह सडक किनारे लगी फेंचिंग (बाड़बंदी) को अपने समाने हटाया गया वह कई जगह फेंचिंग (बाड़बंदी) के बीच मेे काटकर जानवरों के लिये रास्ता बनाया गया।
उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को फेंचिंग (बाड़बंदी) करने वाले लोगो के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियमके तहत कठोर कार्यवाही करते हुए दो दिन के भितर जेसीबी के माध्यम से फेंचिंग को ध्वस्त करने के निर्देश दिये।
डीएफओ ने बताया कि मसूरी के हाथीपाव, क्लाउड एंड और दुधलीऔर आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर तक जगलों के सडकों के दोनो किनारो पर लोहे की तारो से तारबार कर दी गई है जिससे क्षेत्र के जगली जानवरो को भारी परेषानी हो रही है।
उन्होने कहा कि जगलों में हुए तारबार से वन्यजीवों पर इसका प्रभाव पड रहा है। जंगलों में रहने वाले जानवरों के पास सीमित प्राकृतिक मार्ग होते हैं जिनसे वे पानी के स्रोतों तक जाते हैं,भोजन की तलाश करते हैं,और मौसम के अनुसार स्थान बदलते हैं।
इन अवैध निर्माणों के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों में विघटन हो रहा है। वन्यजीवों के लिए आवश्यक मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, जिससे उनकी आवाजाही में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
इससे उनकी प्रजनन और भोजन की उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसको देखते हुए उनके द्वारा सडक किनारे की गई फेंचिंग (बाड़बंदी) को हटाने को लेकर कार्यवाही की जा रही है।
पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए यह आवश्यक है कि मसूरी के इस संवेदनशील क्षेत्र में कानून का पालन सुनिश्चित हो और भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को रोका जा सके इसको लेकर वन विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई भी अधिकारी लापरवाही करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा कि वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थानीय समुदायों को भी इन प्रयासों में सहयोग करना चाहिए ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहेI



