सबर सागर
मानकों के विपरित संचालित हो रहा स्टोन क्रेशर प्लांट बदरकोट
मोहन थपलियाल – नैनबाग के अगलाड नदी के बदरकोट में संचालित स्टोन क्रेशर प्लांट में सभी नियमो को ताक में रखकर संचालित हो रहा है। जिसमें नैशनल पार्क सेंचुरी शर्त को ताक विपरित कई किमी नदी को अवैध खोद कर करोडों रुपये राजस्व का नुकशान व हेरा फेरी का मामला आरटीआई के माध्यम से हुआ है।
तहसील नैनबाग बदरकोट के अगलगाड नदी में विगत 5 साल से अधिक समय से स्टोन क्रेशर स्क्रीनिंग प्लांट संचालित है। जिसमे आरटीआई कर्ता हुकम सिंह रावत ग्राम घडियाला तहसील नैनबाग द्वारा खुलासा हुआ है कि स्टोन केशर प्लाट स्वामी द्वारा अगलाड नदी को नियम से अधिक सरकारी व निजि नदी को अवैध तरीके से खोद कर गहरे गहरे गड्ढे कर दिए है । जिसमें क्रेशर प्लाट के नियम व शर्तो का खुलकर उल्लघन किया जा रहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशो पर मनमानी कि जा रही है।
साथ ही प्लाट में कच्चे माल व पक्के माल के भंडारण की व्यवस्था नही कि गई । और पर्यावरण जैसी नियम में वायु प्रदूषण व ध्यानी प्रदूषण के रोकथाम के लिए कोई उपाय नही किया गया ।

मुख्य बात है कि क्रेशर प्लांट में रखी गई शर्त प्लांट की भूमि बंधक नही होनी चाहिए । जिसमे शपथ पत्र दिया कि प्लांट की भूमि पर किसी प्रकार से बंधक नही है।
जब कि खतौनी के द्वारा अलोकन कर पता चला कि दो कास्तकारो के द्वारा इसी भूमि पर पीएनबी द्वारा भारी भरकम का लोन लिया गया है।
मुख्य बात है कि एक डंपर में 11 टन माल का वन निकासी रवाना स्वीकृत है, जब कि डंपर वाहन मे 25 टन माल भेजने पर 13 टन की हेरा फेरी व पिकप वाहन में 1 टन के वजय ढाई टन माल भरकर सरकार को प्रति दिन लाखों रुपये का राजस्व की हेरा फेरी कर करोड़ों रुपये चुना लगया जा रहा है।
वही नेशनल पार्क सेंचुरी के सभी मानकों को ताक पर 10 किमी के परिधि के भीतर नही होना चाहिए । वही 2 किमी के भीतर स्टोन क्रेशर प्लाट संचालित हो रहा है।
वही शासन – प्रशासन व वन विभाग की मीली भगत के चलते अवैध खनन माफियाओं के इतने बुलंद है कि किसी की डर व भयं नही है। और जेसीबी द्वारा रात्री में ही अपनी मनमानी से नदी को खोदा जा रह है। लेकिन शासन प्रशासन मूकर्दशक बना हुआ है।
जिला उप निदेशक खनन अधिकारी दिनेश कुमार का कहना है कि निरक्षण के दौरान समय समय पर कार्यवाही की जाती है। जिसमें खनन माफियां बांज नही आ रही, जिसमें निरक्षण कर सख्त कार्यवाही की जायेगी ।



