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राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा

खबर सागर

राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आज जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं प्रभावित ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर विभागवार बिंदुवार चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी मामलों में बीआरओ को त्वरित कार्रवाई करते हुए समयबद्ध अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवश्यकता हो, वहां पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ग्राम कुनेर, तहसील कंडीसौड़ की ग्राम प्रधान रवीना देवी ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान ग्राम के नीचे की गई कटिंग के कारण भवनों में दरारें पड़ रही हैं तथा पूरा गांव खतरे की स्थिति में है। साथ ही कार्यदायी संस्था द्वारा आधी-अधूरी कटिंग कर कार्य बंद कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने बीआरओ को निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर स्थल का सर्वे कराते हुए कार्यदायी संस्था धरमराज कंस्ट्रक्शन से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्लोप ट्रीटमेंट का कार्य पूर्ण कराया जाए।

ग्राम कैच्छू, तहसील कंडीसौड़ निवासी अतर सिंह ने बताया कि उनकी अधिक भूमि लेकर, सड़क निर्माण कर दिया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नीलू चावला को निर्देश दिए कि ग्रामीण के साथ बैठक आयोजित कर स्थल निरीक्षण करें तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

ग्राम बौर निवासी नत्थी सिंह ने अवगत कराया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से खेत, फसल एवं पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक प्रतिकर का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्राम मंज्यूड की ग्राम प्रधान रानी नेगी ने सड़क चौड़ीकरण से क्षतिग्रस्त भूमि एवं भवनों के प्रतिकर का मामला उठाते हुए बताया कि प्रभावित लोगों को अब तक मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने भू-वैज्ञानिक, बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग, चंबा के अधिशासी अभियंता को शामिल करते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति को क्षति का आकलन (डैमेज असेसमेंट) कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।

तहसील कंडीसौड़ के ग्राम स्यासू निवासी गोबर सिंह रावत ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनके मकान के ऊपर कलवर्ट, नाले एवं सुरक्षा दीवार का निर्माण एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है, जिससे मकान एवं परिवार की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।

बैठक में बेतालू (ग्राम नकोट, तहसील कंडीसौड़), नत्थी सिंह (ग्राम बोर, तहसील टिहरी), अनीश उनियाल (ग्राम कंडीखाल, तहसील टिहरी), रेखा देवी (ग्राम दिखोलगांव, तहसील टिहरी), धीरज सिंह बिष्ट (ग्राम थरवालगांव, तहसील कंडीसौड़), कौर सिंह (ग्राम लवारखा, तहसील कंडीसौड़), दौलत सिंह सजवाण (पुरानी टिहरी रोड, चंबा) सहित अन्य प्रभावित व्यक्तियों के प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश लखेड़ा, बीआरओ के कमांडर राजकिशोर, सुमित वर्मा, के.सी. नौटियाल, एसएलओ कार्यालय के बीना एवं संबंधित उपस्थित रहे।

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