
खबर सागर
बद्रीगाड रेंज के तहत मरोड -खैराड के सिविल जंगल में दोपहर से लगी भीड आग सें पेडे पौधों व जीव जन्तु आग की चपेट धूं -धूं का जल रहे है । लेकिन वन विभाग, तहसील प्रशासन व ग्रामीण आग बुझाने की जरूरत तक नही कर रहे जिससे पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है।
तहसील नैनबाग के तहत मरोड व खैराड गांव के बीच के सिविल जंगल में लगी भंयकर आग से जन जीवन अस्त व्यस्त हो रखा है।
जिससे मरोड ऐन्दी बनचोरा मोटर के उपर जंगल मे लगी आग पहाडी से बार- बार पत्थर आने से मार्ग पर चलने वाले वाहनो की आवाजाही में जान जोखिम में डालने के बार – बार होने पर कई बाहनों के उपर पत्थर गिरने से अनहोनी होने से टल गई है।
जब कि मोटर मार्ग में चलने वाले दो पहिया वाहन व मुसाफिर डर – डर के वाहनों में आवाजाही करने की विवश है।
मुख्य बात है कि बद्रीगाड रेंज कार्यालय सुमन क्यारी व तहसील नैनवाग के ठीक नाक के सामने लगी आग को बुझाने की जरूत नही कि जा रही, और तमासबीन व आंखों देखी के चलते शासन प्रशासन की घोर उदासीनता साफ नजर आ रही है।



