खबर सागर
श्रीमद् भागवत कथा व देव पालगी की विदाई रही भावुक
कथावाचक संत लवदास महराज ने कहा कि श्रीमद भागवत एक. सार व भगवान विष्णु भक्ति करने वालों का धन के साथ जीवन के लिए अमृत है।
गुरुवार को रांइका नैनबाग में विश्व शक्ति योग जन सेवा समिति के द्वारा सात दिवसीय
श्रीमद् भागवत महापुरण कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हवन यज्ञ व
देव पालगीयों की विदाई हर्ष उल्लास में साथ हुई हुई ।
जिसमें सैकडों श्रद्वालुओं ने श्रीमद् भागवत कथा का रसपान व देव पालगीयों के दर्शन कर मन्नते मांगी । कथा के समापन पर कथावाचक संत लवदास महराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि अभिमन्यु पुत्र राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि के श्राप से 7 दिन में तक्षक नाग के काटने से मृत्यु का भय था।
उन्होंने शुकदेव जी से 7 दिन भागवत सुनी। गंगा किनारे बैठकर सारे भोग-राजपाट त्याग दिए। शुकदेव जी ने उन्हें आत्मज्ञान कराया। 7वें दिन तक्षक आया, पर परीक्षित पहले ही ब्रह्म में लीन हो चुके थे। शरीर छूट गया, आत्मा वैकुण्ठ चली गई।
उन्होने कहा कि मृत्यु सामने हो तो भी भागवत सुन लो, तो मोक्ष के द्वार खुल जाते है।
इस मौके पर मनमोहन सिंह पूर्व अध्यक्ष नपा मंसूरी, दिनेश बडोनी पूर्व सांसद, सोहन लाल बहुगुणा, आचार्य कपिल सेमवाल,पंडित नितिन थपलियाल, गम्भीर सिह रावत, राजेश कैन्तुरा शरण सिंह पंवार, बचन सिंह रावत, दिनेश तोमर,सुरेन्द्र सेमवाल, सोमवारी लाल नौटियाल, अर्जून सिंह रावत,नवीन रावत, सूरत सिंह कैन्तुरा,अरविद कंडारी,सागर तोमर, आदि उपस्थित थे।



