खबर सागर
यमुनेश्वर महादेव मंदिर में हुई आठ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
विश्व शक्ति योग जन सेवा समिति के द्वारा
यमुनेश्वर महादेव मंदिर नैनबाग आठ मूर्ति की चार देव पालगीयों के साथ प्राण प्रतिष्ठा कि गई | जिसमें सैकडों श्रद्वालुओं ने दर्शन कर मन्नते मांगी ।

बुधवार को पांच दिवसीय पूजा अर्चना के बाद हवन यज्ञ व देव पालगी नाग देवता, भदराज देवता, महाशू देवता और मां भद्रकाली की डोली के साथ यमुनेश्वर महादेव मंदिर टटोर नैनबाग में संत लवदास जी महाराज ने स्वयं भव्य रूप से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठ की गई ।
इस मौके पर दर्जनों देवी देवताए अवतारित हुए ।
साथ ही जिसमें बिभिन्न गांव से भारी संख्या में श्रद्वालुओं ने दर्शन सुखः समुद्री की कामना की है।
वही दुसरी ओर
आयोजित श्रीमद् छटें दिन की श्रीमद भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ की कथा में कथावाचक संत लवदास ने कहा आज के परिवेश में कथा व सत्संग से ही हर मनुष्य का जीवन में बदलाव व उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है ।
संत लवदास ने कथा के सार में कंस ने बालकृष्ण को मारने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा। पूतना स्त्री वेश में जहर लगा दूध पिलाने आई। यशोदा मैया ने उसे गोद में ले लिया। कृष्ण ने दूध पीते-पीते ही
पूतना चीखती हुई विशाल रूप में गिरी गई । भगवान ने कपटी भक्त को भी मुक्ति दी ।
इस मौके पर संत बालक दास, आचार्य कपिल सेमवाल, अनिल कोठारी, नितिन थपलियाल,बलवीर
सिंह रावत, गम्भीर सिंह चौहान,शरण सिंह पंवार, बचन सिंह रावत, बचन सिंह रावत, सोमवारी लाल नौटियाल, अर्जून सिंह रावत, राजेश कैन्तुरा,
मीरा देवी, बीनों देवी,जया देवी, गजीरा देवी, नवीन रावत, अरविद कंडारी,सागर तोमर, आदि उपस्थित थे।



