
खबर सागर
चिलचिलाती गर्मी से पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्र में लोगों का बेहाल
तपती गर्मी ने मई माह के अंत में गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है, उत्तराखंड चिलचिलाती धूप और हीट बेव से पहाड़ी क्षेत्रों में लोग चटक भरी धूप से बेहाल है।
वही मैदानी क्षेत्रों में भी भीषण गर्मी से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है इस बेतहाशा गर्मी से आम जनजीवन का पूरी तरह से 45 से लेकर 47 डिग्री तापमान से अस्त व्यस्त हो गया है ।
चिकित्सकों ने इस गर्मी से लोगों को घर में रहने की सलाह दी है ।
आपको बता दे कि उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बेहद ही गर्म नजर आ रहा है जिसके चलते सुबह से ही चिलचिलाती धूप और हीट वेव का सामना करना पड़ रहा है,सुबह से ही चटक भरी धूप लोगों की परेशानियों मुसीबत का सामना
करना पड़ रहा ।
दोपहर के 12:00 से शाम 4:00 बजे तक गर्म हवा के लूं के साथ झुलसने वाली गर्मी पढ़ने से लोगों का खुले में घूमना भी दूभर हो गया है ।
स्थानीय की माने तो उनका कहना है कि इस बार बेहद गर्मी का असर देखने को मिल रहा है ।
और हमें लग रहा है कि पिछले 50 सालों के भीतर इतनी गर्मी तथा लूँ हमने नहीं देखी है।
बाहर अगर काम के लिए निकलते हैं तो ऐसा लगता है कि मानो आग से झुलस जाएंगे ।
ध्यान देने कि बात है कि बाहर निकलने से पहले हमें मुंह पर कपड़ा बांधकर तथा साथ में पानी की व्यवस्था लेकर बाहर निकलते हैं और जो लोग मजदूरी के लिए जाते हैं उनको तो यह सब कुछ झेलना भी पड़ेगा क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले लोग अगर घरों से बाहर नहीं निकलेंगे तो शायद गर्मी से तो नहीं बल्कि भूख से मर जाएंगे।
साथ ही उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी मे विद्युत की कटौती इतनी होती है कि घर में रहना भी दुभर हो गया है
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी धीरेंद्र मोहन गहलोत ने बताया कि हीट वेव को लेकर इस समय जनता जूझ रही है।
अस्पतालों में डिहाईड्रेशन जैसी बीमारी की ओपीडी दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी है। मरीज इतने बड़े गए है की एक बेड पर दो दो मरीजो को शिफ्ट करना पड़ रहा है इस समय चक्कर आने लगते है मांसपेसियो में कमी आ जाती है।
इस तरह के लक्षणों में पानी पिये ठंड में रहे ओर जिस टाइम ज्यादा गर्मी पड़ती है उस समय ठंड में रहे ।



