
खबर सागर
घाटो में दो दर्जन से अधिक परिवारों पर भूः घस्व का खतरा मंडराया
एंकर । तुंगनाथ घाटी के ताला तोक में पिछले लगभग दो दशकों से लगातार सक्रिय भू-स्खलन अब गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। आकाशकामिनी नदी के निरंतर कटाव के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धीरे-धीरे खिसक रहा है, जिससे दो दर्जन से अधिक परिवारों के आवास, कृषि भूमि तथा संपर्क मार्ग खतरे की जद में आ गए हैं। लगातार हो रही वर्षा ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान भू-स्खलन की रफ्तार बढ़ जाती है। कई स्थानों पर भूमि में चौड़ी दरारें उभर आई हैं, जबकि खेतों का कटाव लगातार जारी है।
ग्रामीणों में अपने घरों और भविष्य को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्राम प्रधान प्रतिपाल बजवाल ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ताला तोक का भू-स्खलन क्षेत्र अब अत्यंत संवेदनशील हो चुका है। उन्होंने कहा कि आकाशकामिनी नदी के किनारे वैज्ञानिक ढंग से सुरक्षात्मक कार्य, तटबंध निर्माण तथा ढलानों के स्थायी उपचार की आवश्यकता है, जिससे भू-कटाव पर रोक लगाई जा सके।



