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जाखधार में पांच दिवसीय आध्यात्मिक ज्ञान योग संस्कार शिविर का शुभारंभ

खबर सागर

 

जाखधार में पांच दिवसीय आध्यात्मिक ज्ञान योग संस्कार शिविर का शुभारंभ 

 

विद्यार्थियों को आध्यात्मिक ज्ञान और साधना के माध्यम से जीवन को संवारने को लेकर सनातन धर्म सेवा आश्रम जाखधार में पांच दिवसीय आध्यात्मिक विद्यार्थी उत्थान शिविर शुरू हुआ । जिसमें 60 विद्याथियों ने प्रतिभा किया है।

शुक्रवार को सनातन धर्म सेवा आश्रम जाखधार म्याणी में पॉच दिवसीय शिविर का गुम्भारंभ जिला पंचायत सदस्य राम दयाल शाह ने किया किया ।
पहले दिन आयोजित शिविर में सूर्य नमस्कार की ऊर्जा से लेकर अनुलोम-विलोम की शांति तक, हर श्वास एक नई चेतना जगाएगी।
संस्कार – जीवन का आधार के साथ
यह शिविर केवल आसन-प्राणायाम तक सीमित नहीं है। यह बच्चों में सेवा भाव, बड़ों को कैसे सम्मान और युवाओं में संयम का संस्कार रोपित करने का पवित्र यज्ञ है। गीता का कर्मयोग और संतों की वाणी जीवन का मार्गदर्शन बनेगी।
सामूहिक मंत्र जाप, भजन और सत्संग से पूरा वातावरण दिव्यता से भर गया। यहाँ हर हृदय प्रेम से और हर आत्मा आनंद से झूम उठेगी।

आचार्य कपिल सेमवाल ने बताया कि योग आत्मा की आवाज़ है और ध्यान परमात्मा से मिलने का मार्ग।
योग ध्यान से मन अशांत हो और तन थका हुआ लगे, तब आध्यात्मिक योग एवं ध्यान शिविर_ एक शीतल छाया की तरह शांति प्रदान करता है।
प्रशिक्षका विनिता ने कहा कि योग से तन को स्वास्थ्य, मन को शांति, बुद्धि को विवेक और आत्मा को आनंद देना ही इस शिविर का परम लक्ष्य है। यहाँ आकर आप केवल सीखेंगे नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक नई कला लेकर लौटेंगे।
प्रशिक्षक – मनु ने बच्चों जानकारी देते हुए कहा क जीवन में सबसे बड़ी क्रांति तब आती है जब हम भीतर से बदलते हैं। और भीतर का परिवर्तन ही सच्चा योग है

।इस मोके पर प्रबधिका प्रतिमा सजवाण, समिती के अध्यक्ष जयेन्द्र रमोला,आचार्य कपिल सेमवाल, श्रीमती विनिता देवी, मनोज सिंह, राजेश सजवाण, सुनील भंडारी, पवन सजवाण आदि उपस्थित थे।

 

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