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पहाड़ों की रानी मसूरी में कांग्रेस पार्टी का शक्ति प्रदर्शन के साथ हुंकार
पर्यटन नगरी मसूरी में कांग्रेस पार्टी ने हाल में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी अनुज गुप्ता के नेतृत्व में मसूरी में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर आगामी चुनावों को लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
सम्मेलन में उत्तराखंड प्रभारी सांसद कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, करण माहरा और भुवन कापड़ी सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान कई स्थानीय लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पार्टी ने इसे जनसमर्थन बढ़ने का संकेत बताया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।
उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने मंच से भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है। कीमती जमीनों को “कौड़ियों के दाम” पर अपने चहेतों को दिया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक न्याय नहीं मिल पाया, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है। कुमारी शैलजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे का उद्घाटन किया जाना है, जबकि परियोजना अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा सरकार अधूरे कार्यों का उद्घाटन करने लगती है। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार को भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कहा कि कई मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। साथ ही मसूरी विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर भी आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने पर भ्रष्टाचार में शामिल नेताओं को जेल भेजा जाएगा। सभी घोटालों की जांच होगी। गरीब, दलित और आम जनता के हित में काम किया जाएगा। नेताओं ने पहाड़ों से बढ़ते पलायन, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के वादे “खोखले” साबित हुए हैं।
कांग्रेस ने गुटबाजी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। वरिष्ठ नेता हरीश रावत के जल्द सक्रिय राजनीति में लौटने की भी बात कही गई। पार्टी ने संकेत दिए कि 2027 के चुनाव में युवाओं और अनुभवी प्रत्याशियों के संतुलन के साथ उम्मीदवार उतारे जाएंगा।



