
खबर सागर
थत्यूड़ रामलीला में सीता -राम स्वयंभर में पुष्प वर्षो
रामलीला मैदान थत्यूड़ में चल रही ऐतिहासिक रामलीला के सातवें दिन में धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का आकर्षक रहा । जिसमें दशकों की भारी भीड़ उमड़ी और पुष्प वर्षा की ।
धार्मिक,सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति थत्यूड के तत्वावधान में
आयोजित सात वें दिन की लीला में राजा जनक के दरबार में धनुष यज्ञ के आयोजन से हुई। जहां बड़े-बड़े राजा-महाराजा अहंकार में शिव धनुष को उठाने आते हैं, लेकिन कोई भी धनुष को हिला तक नहीं पाता। ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर भगवान राम ने शिव धनुष को उठाकर तोड़ दिया। धनुष टूटते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद सीता जी द्वारा राम के गले में वरमाला डालने और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मार्मिक और हास्यपूर्ण मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर रामलीला समिति थत्यूड़ के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह असवाल ने बताया जैसे लीला का बीत रहे लोग भारी संख्या में दर्शक मध्य रात्री तक पाण्डल में लीला का आन्दन उठा रहे है।
रामलीला समिति के गजेंद्र सिंह असवाल, सचिव सुनील सजवाण, हरि लाल, संदीप पंवार,संजय
सेमवाल,हरीश नौटियाल, ब्रह्मदेवी असवाल, सुनीता सजवाण, संगीता चमोली आदि उपस्थित रहे।मंच का संचालन सुनील सजवाण ने किया ।



