खबर सागर
गुरु पूर्णिमा पर पूजा अर्चना, हवन यज्ञ कर गुरु का किया वंदन
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमःके साथ आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को पूरे देश में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें शिक्षण संस्थान व आश्रमों में गुरु का पूजन कर आशीर्वाद लिया ।

बुधवार को यमुना आश्रम बागी व सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नैनबाग सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में गुरु पूर्णिमा पर पूजा अर्चना व हवन यज्ञ कर गुरु की महिमा की गाथा के साथ शिष्यों ने आशीर्वाद लिया ।
मान्यता है कि आज के ही दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने चारों वेदों की रचना और 18 पुराणों की रचना की। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
साथ ही सनातन धर्म में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है।

विजय शात्री डोभाल ने कहा कि गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति
सच्चे मन से गुरु का मार्ग दर्शन सबसे जरूरी है। गुरु ही चरित्र निर्माण करता है और जीवन को दिशा देता है। जो भी सच्चें मन से गुरु से प्रेम भाव करने पर जीवन का कल्याण होता है।और गुरु बिना ज्ञान नही ज्ञान बिना मुक्ति नहीं।
वही दुसरी सनातन धर्म सेवा आश्रम जाखधार में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया ।
जिसमें गुरु के शिष्यों ने पूजा अर्चना व हवन यज्ञ कर गुरु का आशीर्वाद सैदव बनाए रखने की प्रार्थना की है ।
वही सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नैनबाग में भी गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
वक्ता के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय मोहन नौटियाल ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर शिष्य आशीर्वाद लेते हैं। यह दिन केवल शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि माता-पिता, संत, योगी और जीवन में मार्ग दिखता है।
इस मौके पर इस मौके पर आश्रम सहयोगिनी प्रमिला, विजय शास्त्री डोभाल, आचार्य नितिन, दिनेश तोमर, अरविंद कंडारी, दर्शन तोमर,बचन सिंह, बबलू रावत, सीमा देवी, सुनीता राणा, बीनों देवी, किरन चौहान, ममता चौहान, प्रतिमा सजवाण,जयेद्र रमोला, राजेश सजवाण, गोपाल सिंह पिकिं,आदि उपास्थित थे ।



