खबर सागर
भक्ति व अटूट आस्था धुव्र जैसी हो – लवदास
समाज में जन जागरूकता व सनातन धर्म के प्रति आस्था
को लेकर श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ में कथावाचक राष्ट्रीय संत लवदास जी महाराज प्रवचनों का रसपान
करते हुए कहा कि इस कलयुग में मोक्ष व समृद्धी के लिए कथा व सत्सग को जीवन में उतारे ।
शनिवार को श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ विश्व शक्ति योग जन सेवा समिती द्वारा सरदार सिंह राजकीय इंटर कालेंज के सांस्कृति कला मंच नैनबाग .में आयोजित दुसरे दिन की कथा में प्रवचन करते राष्ट्रीय संत लवदास जी महाराज ने बचपन से ही भगवान की शरण लेनी चाहिए। जैसे ध्रुव ने
बचपन सच्ची भक्ति और विश्वास से भगवान के प्रति अटूट आस्था रही ।
जैसे ध्रुव की तपस्या से भगवान का सिंहासन भी हिल गया।

उन्होने कहा कि परीक्षित और ध्रुव दोनों ने भगवान की शरण में शरणागत को भगवान कभी नहीं त्यागते है।
. जिसमें कुछ समय निकाल कर भगवान के शरण में जाने से जीवन सफल बनाए ।
संत ने कहा कि सानतन धर्म में मोक्ष की प्राप्ती के लिए भगवान के नाम से ही बैकुंठ धाम का मार्ग प्रस्तुत होता है ।
होता है।
कथा समापन के बाद राष्ट्रीय संत लवदास जी महाराज सहित सभी श्रद्धालुओं ने स्वः जसपाल राणा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजली अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर प्रेतआत्मा की क्षोक्ष क़े लिए प्रार्थना की ।

इस मौके पर संत बालक दास, आचार्य कपिल सेमवाल, रोहित मिश्रा, दीपक नौटियाल, नितिन नागदेवता ठाणी गम्भीर सिंह सजवाण, बिरेंद्र गौड़,मोहन लाल नौटियाल, बिरेन्द्र दत्त नौटियाल, महाशू देवता माली संजीव नौटियाल, गम्भीर सिंह रावत, राजेश कैन्तुरा, सुरेन्द्र सेमवाल, दिनेश तोमर, प्रमिला देवी, पवित्रा देवी, सुनीता राणा, दीपिका, जया देवी, गजिरा देवी, गोपाल सिंह, भरत सिह राणा, सागर, सपना डोभाल आदि उपस्थित थे।



