
खबर सागर
सात माह से पुल न बनने जमा से जूझ रही आम जनता व पर्यटक
विश्व के मानचित्र में सबसे सुमार पर्यटन नगरी मसूरी की लाइफलाइन कही जाने वाली देहरादून-मसूरी रोड में बैली ब्रिज का मामला राजनैतिक का अखाड़ा बनता जा रहा है। जो कि विगत सात माह से क्षतिग्रस्त पुल न बनने से आम जनता व पर्यटक जाम से मुसीबत का पहाड़ बनता जा रहा है ।
बता दें कि पिछले साल सितंबर 2025 को आई आपदा में शिव मंदिर के पास पुल क्षतिग्रस्त की जगह वैली ब्रिज बनायें जाने पर यातायात सुचारू किया गया था ।
जो कि सिंगल बैली ब्रिज के चलते अब राहत से सात माह बीतने के बाद भी स्थायी पुल का निर्माण न होना न सिर्फ शासन -प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है ।
वही सरकार चार धाम के पर्यटन सीजन के बडे – बडे दावें कर रही वही सीजन से ठीक पहले सरकार की तैयारियों की पोल बैली ब्रिज राजनेतिक का अखाड़ा बन गया है ।
जिस पर इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सांकेतिक धरना देकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
पार्टी वक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ पुल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन से जुड़ा सवाल है।
कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली ने साफ कहा कि मसूरी को जोड़ने वाला यह एक मात्र प्रमुख मार्ग है, और यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने सात माह बाद भी काम शुरू न होने पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया ।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा जहां दिल्ली से देहरादून तक का सफर जहां ढाई घंटे में पूरा हो जाता है, वहीं देहरादून से मसूरी पहुंचने में 4 से 5 घंटे लगने से आम जनता व पर्यटकों को भारी जाम से जूझना पड़ रहा है।



