खबर सागर
उत्तरायणी कौतिक मेलों में आस्था लोक संस्कृति का दिखा अनूठा संगम
सीमांत खटीमा में शीतलहर कोहरे के बावजूद भी खटीमा के विभिन्न इलाकों में आयोजित हो रहे उत्तरायणी कौतिक मेलों की धूम रही। खटीमा के चकरपुर शारदा नदी के तट लालकोठी,
तराई बीच निगम मैदान खटीमा में उत्तरायणी कौतिक मेलों में आस्था एवं सांस्कृतिक परंपरा लोक संस्कृति के साथ मनाया गया ।
चकरपुर के मां शारदा के तट लालकोठी में लगातार 21 वर्षो से आयोजित हो रहे खटीमा क्षेत्र के प्रथम उत्तरायणी कौतिक मेला होने का गौरव प्राप्त इस मेले में सीमांत क्षेत्र ही नही वरन नेपाल के श्रद्धालु भी मेले में शिरकत करने पहुंचे।
इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। चकरपुर के लालकोठी स्थित शारदा नहर के तट पर मकर संक्रांति पर्व पर आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ बीते रोज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया था।
मेला आयोजन के दूसरे दिन ठंड के बावजूद भी भारी संख्या में लोग पवित्र शारदा नहर के किनारे लगे मेले में शिरकत करने पहुंचे।वही तराई बीज निगम मैदान खटीमा में चल रहे बीते सात दिनों से चल रहे मेले के अंतिम दिन लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की धूम रही।फौजी ललित मोहन जोशी सहित तमाम नामी लोक कलाकारों ने उत्तरायणी कौतिक मेले में अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी।
वही खटीमा तहसील के दुरस्त बग्गा चौवन गांव ने पहली बार शुरू हुए उत्तरायनीं कौतिक मेले का आयोजन हुआ,जिसका शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी द्वारा किया गया।उक्त मेले के पहले दिन क्षेत्रीय लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से शमां बांध दिया।इस मौके पर पूरा सीमांत उत्तरायणी कौतिक मेलों के रंग में रंगा नजर आया।



