खबर सागर
श्रीकोट सौंडा में मां काली माता की मूर्ति कि हुई प्राण प्रतिष्ठा
श्रीकोट के देवी सौंड में आयोजित तीन दिवसीय पूजा अर्चना कार्यक्रम हवन यज्ञ का समापन हुआ । जिसमें मां काली माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठ के साथ स्थापना की गई ।
मंकर सक्रांती पर पट्टी
ईडवालस्यूं के देवी सौड़ में पौराणीक मां काली का मंदिर में पूजा अर्चना व विधि विधान एवं हवन यज्ञ के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठ कर मंदिर में स्थापित कि गई है। इस मौके पर कई देवी देवता के पश्वा अवतारित हुए ।
इस दौरान 15 गांव ग्रामीण सहित आस पास क्षेत्र में भारी संख्या में श्रद्वालुओं ने दर्शन कर सुख: समृद्धी की कामन की है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक प्रितम सिह पंवार ने मां का आर्शिवाद लेने के बाद मंदिर समिती द्वारा द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सहराना करते हुए मंदिर समिती के टीन सैड के निर्माण के लिए 2 लाख रुपयें की घोषणा की है।
विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख सीता पंवार ने शिरकत करते हुए कहा मां काली की मूर्ति स्थापना जैसे धार्मिक व सनानत धर्म के प्रति लोग को बढ चढ कर प्रतिभा करना चाहिए । इस मौके पर 2 लाख रुपयें मंदिर के लिए घोषणा की है।
वही जिला पंचायत सदस्य राम दयाल शाह ने मंदिर के सौन्द्रीयकरण के लिए 2 लाख रुपयें की घोषण की है।
भाजपा युवा नेता व भजराज दूलती मंदिर समिती के अध्यक्ष राजेश नौटियाल ने ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में संकल्प लेना चाहिए कि ग्राम पंचायत व क्षेत्र के विकास में आपसी मन मिटाव छोडकर एक जुट होने का आह्वान किया
मंदिर समिती के अध्यक्ष दयाल सिंह बिष्ट ने तीन दिवसीय पूजा अर्चना व मूर्ति स्थापना सभी श्रद्वालुओं का आभार व्यक्त किया ।
इस मौके पर महादेव प्रसाद शात्री संजय आचार्य,सीता पंवार ब्लाक प्रमुख, रामदयाल शाह जिला पंचायत सदस्य,राजेश नौटियाल युवा नेता, बिरेन्द्र सिंह पंवार (जिप्सी ) महादेव शात्री संजय आचार्य, सुनील सेमवाल प्रधान, द्वारिका पुरी मंदिर समिती के अध्यक्ष बचन सिंह चौहान,दीपेंद्र बिष्ट,सुभाष रतूड़ी प्रधान,
बलवीर बिष्ट,जयवीर बिष्ट,दयाल सिंह बिष्ट, बलवीर रावत, गम्भीर सिंह ,संदीप राणा, रूपा सिंह, विजय बिष्ट,राकेश,ममराज, जयवीर विष्ट, गजेन्द्र, अतोल सिंह, अनूप थपलियाल रामभरोस,सुमन लात, संगीता देवी, व्रहम देव, शुशीला देवी, बाला देवी, निलम देवी, सरदार बिष्ट, बचन सिंह चौहान, सुन्दर सिह नेगी, आन्दन सिंह के.सी श्रीवातव, भरत सिंह पंवार त्रेपन बिष्ट आदि उपास्थित थे ।



