
खबर सागर
नैनीताल में भू -वैज्ञानिकों की टीम ने टिफिनटाँप का किया निरिक्षण
नैनीताल शहर के लिए बन रहे खतरे का आज भू-वैज्ञानिकों की टीम ने सर्वे किया है। टिफिनटाँप चाँर्टनलाँज बलियानाले का निरिक्षण भू-वैज्ञानिक भाष्कर पाटनी द्वारा किया गया ।
और शहर के लिये कई इलाकों का ट्रिटमेंट जरुरी बताया है इस दौरान जिला प्रशासन की टीम भी मौजूद रही है। चाँर्टनलाँज का निरिक्षण के बाद बताया कि ये पूरा इलाका 1880 के भूस्खलन के मलवे में बसा है और यहां निर्माण ही खतरा यहां के लिये है।
वहीं टिफिनटाँप के निरिक्षण के बाद भूवैज्ञानिक पाटनी ने कहा कि कुछ हिस्सा और खतरे में है लेकिन यहां ट्रिटमेंट किया जा सकता है। निरिक्षण के दौरान कहा कि ये पूरा क्षेत्र डोलोमिटिक लाइमस्टोन है ।
जिसमें दरारें हैं बारिश के चलते इनमें भरी मिट्टी बही तो पूरा पहाड़ गिरा है। वहीं भूवैज्ञानिक पाटनी ने कहा कि इसको ग्राउट से पैक कर दें तो इसको बचाया जा सकता है।
आपको बतादें कि नैनीताल में पिछले दिनों टिफिनटाँप का डोरोथी सीट का बड़ा हिस्सा गिर गया था और बलियानाले और चाँर्टन लाँज से खतरा बना हुआ है जिसका अब भूवैज्ञानिक निरिक्षण कर रहे हैं।



