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मानवीय हस्तक्षेप के कारण बुग्यालों का अस्तित्व खतरे की ओर

खबर सागर

चोपता से तुंगनाथ धाम के भूभाग में फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों के संरक्षण व संवर्धन का जिम्मा सम्भाले केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की लापरवाही से बुग्यालों में कूड़े के ढेर लगने से पर्यावरण का खासा नुकसान हो रहा है ।
चोपता – तुंगनाथ पैदल मार्ग पर जगह – जगह कूड़ा फैलने से केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग प्रभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में सामने आ रही है ।

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा चोपता से तुंगनाथ धाम तक फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में मानवीय आवागमन पर प्रतिबन्ध लगाने के बाद भी बुग्यालों में मानवीय आवागमन होने से सुरम्य मखमली बुग्यालों की सुन्दरता धीरे – धीरे गायब होने लगी है ।
तथा बरसात के समय सुरम्य मखमली बुग्यालों में भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है ।
सुरम्य मखमली बुग्यालों में मानवीय आवागमन होने से बुग्यालों की सुन्दरता गायब होने के साथ बरसात के समय बुग्यालों में उगने वाली अनेक प्रजाति की बेस कीमती जडी़ – बूटियों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है ।
वही केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2022 से रेंज अधिकारी का पद रिक्त पडे थे ।
चोपता – तुंगनाथ के आंचल में फैले भूभाग का जिम्मा मात्र दो वन कर्मियों के पास होने से बुग्यालों की देखभाल नहीं होने से खतरे में गिरता जा रहा है।
जिससे रेख देख के अभाव से खतरे की ओर बनता जा रहा है।

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