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यमुना आश्रम में ध्यान साधना शिविर में भक्तीमय के समागम में डूबे भक्तगण

खबर सागर

सनानत धर्म के साथ स्वयं के कल्याण को लेकर यमुना आश्रम बागी लुधेरा नैनबाग में दो दिवसीय ध्यान – साधना शिविर के अंतिम दिन में पूज्य गुरुदेव राष्ट्रीय सत लवदास जी महाराज के सानिध्य मे दुसरे दिन भक्तीमय के समागम मे डूबे दिखे भक्तगण |

शनिवार को शरणागति के दुसरे दिन मे यमुना आश्रम बागी लुधेरा नैनबाग मे आयोजित शिविर में ध्यान साधना के माध्यम से स्वयं के जीवन का कल्याण के लिए शिविर में पंहुचे भक्तो ने लाभ उठाया |

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द्वितीय दिक्स पर प्रवचन करते हुए राष्ट्रीय संत लवदास जी महाराज ने कहा कि यदि मनुष्य अंहाकार चतुराई व अभिमान को त्याग कर परत्मात्मा के मार्ग पर चलना बहुत ही सरल मार्ग है। जिसमे जीवन में हर व्यक्ति को श्रद्धा , अचारणा, सदाचार व अनुशासन ही जीवन का सत्य है।
उन्होने कहा कि छल ,कपट, लोभ को छोड़कर प्रेम व भक्ति का मार्ग से सदैव उन्नति मार्ग प्रशस्त होता है।
परमात्मा की उपासना करने से मन ,बुद्धी का विकास से अच्छे विचार से ज्ञान की प्राप्ति होगी |
शरणागति का अर्थ भगवान के चरणों में पूरी तरह से निष्ठा भाव से सर्मित हो जाना । सब कुछ एक दास व गुलाम बन कर नि :स्वार्थ भाव से पूज्य गुरुदेव की सेवा ही भगवान की सेवा है।

राष्ट्रीय संत ने कहा कि जीवन मे अच्छी संगत, उच्चे विचार, मीठी वाणी आध्यमिक मार्ग के अपनाकर अपना जीवन भगवान के शरणागति होने पर
जीवन की यात्रा में सफल होती है ।

प्रवचन के दौरान एक शब्द्धवली में उल्लेख करते – एक बार अम्बरीष जी भगवन के बहुत बडे व सच्चे भक्त थे । कि गेहू को पीसते समय भक्त को पीसाना आया तो भगवान स्वयं पंखा लगाकर हवा दे रहे थे कि भगवान भी भक्त की सेवा के लिए आतुर होते है ।

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सत गुरुदेव लवदास जी महाराज ने कहा कि आज के परिपेक्ष में समाज में विवाद तेजी से चर्चा के साथ विकाता व दिखता है । लेकिन संवाद की चर्चा नाम मात्र में होती । इसलिए भगवान के भंजन व सत्संग में ही जीवन का आन्दन ही आन्दन है।

अंतिम दिन के शिविर में साईन बोर्ड में गुरु के बीना ज्ञान नही की पद्धती के साथ साथ एक – एक शब्दो को लिख कर बारीकी से भगवान के स्वर का ज्ञान व ध्यान जैसी महत्वपूर्ण बातें विस्तार पूर्वक रसपान कराया गया । और इन सभी को जीवन में उतार जीवन को धन्य बनाए |

इस मौके पर आचार्य कपिल सेमवाल , रोहित मिश्रा,समिति के अध्यक्ष गंभीर सिंह रावत,सचिव मोहन थपलियाल, राजेश कैन्तुर, सुप्रीत कैन्तुरा, प्रमिला चौहान,मोहन निराला,सुरेंदर सेमवाल , अनिल कैन्तुर, प्रतिमा सजवाण , तिब्बो देवी,इंन्द्रा, जया देवी, सोनी अनन्ता ,सुधा चौधरी, सूरत सिंह, सागर ,रजनी ,सरोज जोशी, मोनिका चौहान ,हरिप्रिया, बबली लिगवाल ,संगीता, किरन चौहान, कल्पना देवी, रंजीत शर्मा, सोवेन्द्र राणा ,हिना, मनोज कैन्तुरा आदि उपस्थित थे ।

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