
खबर सागर
ग्लोबल वार्मिंग के चलते तेजी से पिघल रहे ग्लेशियर अब विदेशी वैज्ञानिको की चिंता बढ़ी
ग्लोबल वार्मिंग के कारण तेजी से पिघल रहे ग्लेशियर अब विदेशी वैज्ञानिको की चिंता में हैं जिससे आने वाले समय पर जल संकट के हालत भी पैदा हो सकते हैं ऐसे में देश विदेश की यूनिवर्सिटी से आए वैज्ञानिक भी अब ग्लेशियर पर डीप स्टडी कर रहे हैं।
दरअसल हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में इंडो स्विस डी–आइस प्रोजेक्ट कार्यशाला आयोजित की जा रही है जिसमें देश विदेश के कई वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं ।
साथ ही जियोलॉजी डिपार्मेंट के प्रोफेसर और शोधार्थी छात्र भी हिस्सा ले रहे हैं, 17 अक्टूबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में वैज्ञानिक ग्लेशियर पर ग्लोबल वार्मिंग के कारण पड़ने वाले प्रभाव और जलवायु परिवर्तन पर गहन अध्ययन करेंगे ।
खासतौर पर हिमालय ओर आल्प्स पर्वतमाला पर गहन अध्ययन किया जाएगा वैज्ञानिकों ने भी ये चिंता जताई है ।
ग्लेशियर के बाहर जमा मलबा भी ग्लेशियर के तेजी से पिघलने के कारण आपदा के हालत पैदा कर सकते हैं।



