
खबर सागर
उत्तरकाशी पुलिस की बड़ी कार्यवाही 1 किलो 30 ग्राम चरस के साथ 3 युवक गिरफ्तार
जनपद उतरकाशी में अवैध नशा तस्कारों बड़ी संख्या में फल फूल रहा । जिस पर पर पुलिस ने 9.8 किग्रा चरस, 22.65 ग्राम स्मैक तथा 1.5 किग्रा अफीम की बरामदी की है।
बता दें कि उत्तरकाशी के सीमांत जिले से है,जहा वर्ष 2024 में उत्तरकाशी पुलिस द्वारा अबतक एनडीपीएस एक्ट के 12 मामलों में 15 नशा तस्करों गिरफ्तार कर 9.8 किग्रा चरस, 22.65 ग्राम स्मैक तथा 1.5 किग्रा अफीम की बरामदगी की गयी है।
जिस तरह नशा तस्कर माफिया फल फूल रहे हैं उसे देखते हुए उत्तरकाशी SP अर्पण यदुवंशी लगातार सक्रिय हैं ।
नजर आ रहे है उनके द्वारा सभी क्षेत्राधिकारी/कोतवाली/ थाना प्रभारी एवं एस0ओ0जी0 की टीम को सक्रिय रहकर नशे के अवैध कारोबार पर कार्यवाही करने के कड़े निर्देश जारी किये हुये हैं।
उत्तरकाशी में नशे के विरुद्ध पुलिस की जंग मुहिम “उदयन” के अन्तर्गत उत्तरकाशी पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों की धर-पकड कर लगातार सलाखों के पीछे पहुँचाया जा रहा है।
वही वही पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी, प्रशान्त कुमार के निकट पर्यवेक्षण मे कोतवाली मनेरी पुलिस द्वारा अवैध नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गयी है।
प्रभारी निरीक्षक मनेरी श्री मनोज असवाल एवं प्रभारी SOG श्री प्रमोद उनियाल के नेतृत्व में मनेरी पुलिस व एस0ओ0जी0 की संयुक्त टीम द्वारा सटीक जानकारी जुटाते हुये गत 13.08.2024 की रात्रि में मनेरी मल्ला से आगे UPCL पावर हाउस के नीचे गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास खण्डर से 3 युवको जितेन्द्र, मनवीर व देवेन्द्र को क्रमशः 446 ग्राम, 434 ग्राम व 150 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया है।
युवकों के कब्जे से कुल 1 किलो 30 ग्राम चरस बरामद हुयी है।
बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर उक्त तस्करों के विरुद्ध कोतवाली मनेरी पर *NDPS Act 8/20* के तहत मुकदमा पंजीकत किया गया है।
आज अभियुक्तों को मा0 न्यायालय से समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक, अर्पण यदुवंशी द्वारा बताया गया कि उत्तरकाशी के सदूरवर्ती क्षेत्रों में अवैध नशे, अफीम, चरस आदि की लगातार तस्करी की जानकारी पर हमने ऐसे संदिग्ध क्षेत्रों मे पुलिस को एक्टिव किया हुआ है।
कल रात्रि में मनेरी क्षेत्र में पुलिस व एसओजी की टीम द्वारा चरस की बरामदगी की गयी है। तस्करी मे लिप्त 3 युवकों को गिरफ्तार किया गया है, उक्त तीनों युवक स्थानीय हैं।
यह चरस को खुद तैयार करके उसे अच्छे मुनाफे में बेचने की फिराक में थे। चरस की रिकवरी करने वाली टीम की सरहाना करते हुये उनके द्वारा टीम को 2500 रु0/ के पारितोषिक से सम्मानित किया गया।
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