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ई चालान स्कूटी महिला का भेजा मोटर वाईक स्वामी को

खबर सागर

ई चालान स्कूटी महिला का भेजा मोटर वाईक स्वामी को

 

वाहन ई-चालान मामले में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां ट्रैफिक पुलिस ने काशीपुर में स्कूटर सवार एक महिला का ई-चालान कर खटीमा के पहेनिया निवासी एक व्यक्ति को भेज दिया।
वहीं मजेदार बात यह है कि जिस व्यक्ति को चालान भेजा गया है उसके पास स्कूटर नहीं मोटरसाइकिल है और वह या उसका वाहन कभी काशीपुर गया ही नहीं है। ऐसी स्थिति में ई-चालान के मैसेज आने के बाद खटीमा निवासी पीड़ित खासा परेशान और चिंतित है।
पीड़ित व्यक्ति ने एक ही नंबर के दो वाहन चलने या फिर नंबर में किसी अंक का अंतर होने का अंदेशा जताते हुए संबंधित विभाग से जांच और न्याय की मांग की है। आपको बता दें कि खटीमा पहेनिया निवासी उग्रसेन के मोबाइल पर 23 जून 2025 को ई-चालान का मैसेज आया जो काशीपुर से भेजा गया था। पीड़ित व्यक्ति ने इस मैसेज को नजरअंदाज कर दिया है क्योंकि वह कभी काशीपुर गया ही नहीं था और उसके पास स्कूटर नहीं मोटरसाइकिल है।
जब 11 सितंबर 2025 को पीड़ित को दूसरा मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें 10 दिन के अंदर चालान जमा करने की चेतावनी दी गई थी तब जाकर पीड़ित व्यक्ति के कान खड़े हुए। इसके उपरांत पीड़ित व्यक्ति खटीमा कोतवाली गया जहां उसने अपनी पीड़ा को बताया तो उसे काशीपुर थाना क्षेत्र जाने के लिए कहा गया। वहीं पीड़ित ने ऑनलाइन चालान के दस्तावेज इकट्ठा किए तब उसको ज्ञात हुआ कि काशीपुर में बिना हेलमेट स्कूटर सवार एक महिला का ई-चालान काटा गया है। जिसका स्कूटर नंबर और पीड़ित की मोटरसाइकिल नंबर दोनों एक जैसे ही हैं। इसके उपरांत पीड़ित ने जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर, काशीपुर थाना तथा खटीमा थाना को पंजीकृत डाक से अपना शिकायती पत्र भेजकर मामले में जांच और न्याय की गुहार लगाई है। वह मानसिक रूप से काफी परे उन्होंने बताया कि जिस स्कूटर का चालान काटा गया है उससे ही चालान की वसूली की जाए। उसने बताया कि मैं मोटरसाइकिल लेकर कभी काशीपुर गया ही नहीं था इसलिए ई-चालान का कोई औचित्य नहीं है। वहीं स्कूटर सवार महिला के फोटोग्राफ में साफ दिख रहा है कि वह बिना हेलमेट के स्कूटर चला रही है जिसका ई-चालान किया गया है। पीड़ित ने कहा कि यदि एक ही नंबर के दो वाहन चल रहे हैं तो भविष्य में नंबर का दुरुपयोग होने से कोई भी घटना हो सकती है। पीड़ित ने जांच कर कार्यवाही और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि एक ही नंबर के दो वाहन हैं या अंकों में कोई अंतर पाया जाता है।फिलहाल उक्त व्यक्ति को बिना हेलमेट 1000 रुपए,बिना डीएल 2500 व बिना बीमा 1000 कुल साढ़े चार हजार का ई चालान भुगतान हेतु भेजा गया है।

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