
खबर सागर
रामनगर पहुंचे रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल ने वोट प्रतिशत गिरने का कारण कांग्रेस का कैडर वोट को बताया। उन्होंने कहाँ मतदान कम होने का मुख्य कारण जो कांग्रेस का कैडर वोट था,वो कांग्रेस के सनातन विरोधी गतिविधियों के कारण कांग्रेस के राष्ट्रविरोधी बयान के कारण,कार्यकर्ताओं की क्रियाकलाप रहे उससे कांग्रेस का कैडर वोट बहुत हतास और निराश था ।
जिससे वह मतदान केंद्रों में वोट डालने नही गया और यही कारण रहा कि मतदान प्रतिशत कम हुआ।
बता दें कि उत्तराखंड में पहले चरण में 19 अप्रैल को हुए मतदान में केवल 55.89 फीसदी मतदान हुआ. ये आंकड़ा पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में कम है ।
इस साल लोकसभा चुनाव में कम हुई वोटिंग को लेकर सबके अलग अलग मत हैं,सियासी दल भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में 61.4% मतदान हुआ था. इस बार की वोटिंग तकरीबन 6 फ़ीसदी कम है,कांग्रेस और भाजपा के लोग अब इसको लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्याऱोप कर रहे है।
क्या कहते भाजपा नेता –
वहीं इस पर भाजपा के रानीखेत से विधायक प्रमोद नैनवाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहाँ कि कांग्रेस का कैडर वोट इस बार मतदान केंद्रों तक नही गया,उन्होंने कहाँ कि कांग्रेस के नेताओं के राष्ट्रविरोधी बयान साथ ही उनकी सनातन गतिविधियों के कारण खिन्न होकर कांग्रेस का कैडर वोट मतदान डालने नही गया ।
जो मतदान प्रतिशत घटने का मुख्य कारण रहा,वहीं प्रमोद नैनवाल ने कांग्रेस के जीत के दावे पर कहाँ कि कांग्रेस के इस बार कई बूथों पर टेबल तक नही लगे थे,उन्होंने कहाँ कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बहुत हतासा और निराशा है,और उन्होंने कहां कि कांग्रेस कही भी टक्कर में नही है उत्तराखंड में।
कहती है कांग्रेस –
वही इस पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने पलटवार करते हुए कहा कि खिसियानी बिल्ली खंबा नौचे एक कहावत है, उस कहावत को भाजपा चरितार्थ कर रही है,
रंजीत रावत ने कहा कि तथ्य यह है कि महंगाई ,बेरोजगारी ,उत्तराखंड के
मान सम्मान आजीविका का स्रोत था खोज जिसको भाजपा ने अग्नि वीर में परिवर्तन कर दिया वो, अंकित भंडारी हत्याकांड जैसे मामले चार धाम ऑल वेदर रोड जिसको लेकर ढोल पीटा गया और उसमें सिलक्यार जैसी घटनाएं हो रही है ।
रणजीत रावत ने कहां कि कर्णप्रयाग रेल लाइन, किस स्थिति में है कोई नहीं जानता, भाजपा 2023 तक ट्रेन पहुंचने की बात कर रही थी, 2022 में देश में गरीबों को मकान, 15 लख रुपए,2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार, उसके साथ ही किसानों का कर्ज माफ,किसानों की इनकम दुगुनी,
आदि कई चीजे कही गई थी जो आज तक पूरी नहीं हुई।
उन्होंने कहाँ कि यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में इस बार सभाएं नही की, उन्होंने कहा कि इन तमाम सवालों से भाजपा के नेता कार्यकर्ता बच रहे हैं ,इसी वजह से उनमें हताश है,और उत्साह नही था,
उन्होंने कहा जहां तक वह कांग्रेस के कैंडिडेट वोट की बात कर रहे हैं तो भाजपा में वैचारिक शून्यता हो गई है अनुभवहीनता उनके पास है, 10 साल से ज्यादा का समय सरकार चलाने के बाद भी,सरकार चलाने का अनुभव उनके पास नही आ पाया है ।



