
खबर सागर
एंकर-जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है वैसे वैसे इंसानों के साथ ही वन्यजीव भी इससे बचने के तरीके खोजते नज़र आते है ।
वहीं कॉर्बेट पार्क के झिरना पर्यटन जोन का एक ऐसा वीडियों जिसमे हाथी गर्मी से बचने के लिए कॉर्बेट प्रशासन द्वारा बनाया गए वाटरहोल्स में पानी मे नहाने के साथ ही पानी से अपनी प्यास भी बुझा रहा है।
विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के जंगलों में बने वाटर होल्स प्राकृतिक व मैन मेड वाटर होल्स में लगातार वन्यजीवों के नहाने वह पानी पीने के वीडियो लगातार सामने आते रहते हैं ,जो अपने आप में रोमांच से भरे होते हैं ।
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है इन वॉटर होल्स में गर्मी से बचने के लिए वन्यजीवों को नहाते व पानी पीते हुए देखा जा सकता है, जिनके दीदार के लिए पर्यटक देश-विदेश से लाखों की संख्या में हर वर्ष कॉर्बेट पार्क को निहारने को पहुंचते हैं ।
बता दें कि एक वीडियो हमारे द्वारा अपने कमरे में कैप्चर किया गया है, जिसमें एक तस्कर हाथी कॉर्बेट प्रशासन द्वारा बनाए गए वाटरहोल्स में गर्मी से बचने के लिए मस्ती करता हुआ दिख रहा है ।
तस्कर हाथी पानी पीने के साथ गर्मी से बचने के लिए इस वाटर होल् के पानी से नहा भी रहा है ,जिसमें आसपास सफारी पर गए पर्यटक इस दृश्य को देख रोमांचित हो जाते हैं और इस दृश्य को अपने कमरे में कैद कर लेते हैं।
तस्कर हाथी काफी देर तक झिरना पर्यटन जोन में बने वॉटरहोल में काफी देर तक मस्ती करता हुआ दिखा,हाथी को देख सफारी पर झिरना आये पर्यटक खुस हो गए ।
उन्होंने इसको अपने कैमरे में कैद कर लिया,पर्यटकों ने कहाँ कि उन्होंने ऐसा नज़ारा जंगल मे पहली बार देखा और वे बड़े खुश हुए।
वहीं इस विषय मे कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के डायरेक्टर डॉ धीरज पांडे कहते है कि अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग प्रकार के वॉटरहोल्स होते है,और हम गर्मियों में यह सुनिश्चित करते है कि गर्मियों के समय इन वॉटरहोल्स में पानी प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।वे कहते है रामगंगा नदी में तो हाथियों का रुख बना रहता है I
और गर्मी आते ही इनका रुख चोड़ की तरफ बढ़ जाता है,क्योकि उस क्षेत्र में नई घास आती है तो आती उस क्षेत्र में लगातार दिखाई देता है ।
धीरज पांडे कहते है कि हाथी को पानी की बहुत आवश्यकता होती है क्योंकि वह 15 घंटे खाता है,तो इन वॉटरहोल्स में पानी बना रहे इसकी हम लगातार मोनिटरिंग करते है।



