
खबर सागर
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसेंण में बजट सत्र ना कराए जाने को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है उत्तराखंड विधानसभा के अधिकांश विधायक ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानमंडल भवन में बजट सत्र आहूत करने के पक्ष में नहीं दिखे, भराड़ीसैंण की कंपकंपा देने वाली ठंड ने लगभग 40 विधायकों के वहां जाने के इरादों को ठंडा कर दिया ।
विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि इस बार का बजट सत्र देहरादून में कराया जाए। जबकि विधानसभा ने ही यह संकल्प पारित किया हुआ है बजट सत्र भराड़ीसैंण स्थित विधानमंडल भवन में ही होगा।
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन होते कई वर्ष हो चुके हैं, लेकिन सरकारें वहां कभी व्यवस्थाएं नहीं बना पाईं। इन्हीं बदइंतजामी के बहाने अब विधायकों से लेकर अफसर तक वहां जाने से परहेज कर रहे हैं। सभी का एक ही तर्क यही है कि सर्द भराड़ीसैंण में फरवरी में सत्र होगा तो ठंड का प्रकोप और भीषण हो जाएगा, जिससे दिक्कतें आएंगी।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण महारा का कहना है कि गैरसैण में बजट सत्र आयोजित ना कर सरकार ने जन भावनाओं के खिलाफ कदम उठाया है और जिस भी विधायक ने इसके लिए सरकार को पत्र लिखा है उन्होंने राज्य आंदोलन शहीदों का अपमान किया है, बता दें की कांग्रेस के कई विधायकों ने भी गैरसैण में विधानसभा सत्र आहूत न करने को लेकर अपना समर्थन दिया था, इसी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पत्र लिखने वाले विधायकों ने जन भावनाओं के खिलाफ काम किया है पत्र में हस्ताक्षर करने वाले पार्टी विधायकों से इस बारे में पूछा जाएगा साथ ही कहा की पिछली बार सरकार ने चारधाम यात्रा का बहाना बनाया था, लेकिन चारधाम यात्रा तो हर साल होती है, इसलिए यह बहाना सरकार पिछले वर्ष की तरह इस बार फिर बनाएगी. उन्होंने कहा कि अब सरकार ने फिर बहाना बनाया है कि विधायकों ने इसके लिए सरकार को पत्र लिखा है।
करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस का कहना है कि –
उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के बाद अब बजट सत्र गैरसैण में नही बल्कि देहरादून में ही हो रहा है जिसकी तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है..वही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के कई विधायक गैरसैण में सत्र ना करने को लेकर समर्थन में भी दिखे जिसका एक बड़ा कारण ठंड को भी बताया गया है । भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी का कहना है कि – पार्टी के सभी विधायक और नेता गांव-गांव में गए और प्रवास किया है और उन्होंने 15000 फीट की ऊंचाई पर भी प्रवास किया है वहीं सरकार के द्वारा गैरसैण में कोई कार्यक्रम तय किया जाता है तो सभी विधायक वहां जायेंगे लेकिन ठंड का कोई प्रसंग नही है
आदित्य कोठारी, प्रदेश माहमंत्री, भाजपा का कहना है कि –
विधानसभा सत्र गैरसैंण में हो इसके लिए पूर्व में सरकार संकल्प भी ले चुकी है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। क्योंकि सरकार के पास स्वयं भाजपा और कांग्रेस और निर्दलीय विधायको का हस्ताक्षर किया पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमे उन्होंने देहरादून में भी सत्र आहुत करने की मांग की है। उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है, लेकिन पहाड़ का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि ही पहाड़ को गैर समझने लगे है।



