
खबर सागर
व्यक्ति को धन से नहीं ब्लकि अपने स्वभाव से अमीर होना – डा. प्रदीप सेमवाल
शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के आशीर्वाद से दिव्य -भव्य चातुर्मास व्रत महामहोत्सव के अंतर्गत ज्योतिर्मठ स्थित शंकराचार्य मठ मे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान उत्सव आयोजित की गई ।
जिसमें कथा व्यास डॉ प्रदीप सेमवाल द्वारा कथा के अंतिम दिवस सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया।
सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए डॉ सेमवाल ने कहा कि मनुष्य के जीवन में कितनी भी कठिनाई आए अगर मित्र श्री कृष्ण जैसे हो तो हर विपदा टल जाती है।
व्यक्ति को धन से नहीं ब्लकि अपने स्वभाव से अमीर होना चाहिए जो कि सुदामा के चरित्र से सीखने को मिलता है ।



