
खबर सागर
ग्रीष्मकालीन धान लगाने की 31 मार्च तक सशर्त मिली छूट
तराई में सरकार ने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान लगाने की सशर्त छूट दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह व्यवस्था केवल 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगी।
गेहूं की कटाई के बाद खाली खेतों में किसी भी दशा में ग्रीष्मकालीन धान नहीं लगाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में खेती के लिए फसल चक्र नहीं अपना सके किसानों को मक्के के बीज उपलब्ध न होने के कारण राहत दी गई है। एक अप्रैल से एक जून तक धान की रोपाई पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इस दौरान धान की नर्सरी होने या लगाए जाने की सूचना प्राप्त होगी तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। किसानों से खेती एवं पर्यावरण को बचाने में सहयोग करने की अपील की।
उधम सिंह नगर जिले के डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि जो किसान मार्च में ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसल लगाना चाहते हैं।
वे साइलेज के लिए मक्के को बो सकते हैं। यह 60-65 दिन में तैयार हो जाएगा। गन्ना, उड़द, सूरजमुखी आदि फसल भी लगाई जा सकती है।
डीएम ने कहा है कि जो किसान ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें ले पाने की स्थिति में नहीं हैं, उनको मार्च 2025 तक प्रतिबंध के साथ अनुमति प्रदान की गई है।



