
खबर सागर
जनपद उत्तरकाशी में खुला पहला विश्वविद्यालय स्थानीय लोगों के साथ पूरे प्रदेश को मिलेगा फायदा
सीमांत जनपद उत्तरकाशी प्रकृति का अनमोल खजाना मां गंगा ओर यमुना का उद्गम स्थल के साथ-साथ रमणीक सुंदर बर्फीली पहाड़ों के लिए अपने आप में एक अलग पहचान रखता है।
यहां का हमेशा दुर्भाग्य रहा है कि यहां से शिक्षा के नाम पर लगातार पलायन जारी है पर इस पीड़ा के समाधान के लिए यहां के स्थानीय निवासी हरिशंकर नौटियाल ने जिनका बचपन शिक्षा के आभाव में बीता ।
ओर कड़े संघर्ष के बाद उन्होंने जनपद उत्तरकाशी में पहले पीएचडी धारक बने ।
सीमांत जिला होने के साथ-साथ यह चीन सीमा से भी लगा हुआ जिला है यहां शिक्षा का अभाव होने के कारण यहां से सबसे ज्यादा पलायन देखने को मिल रहा था ।
उच्च शिक्षा न मिलने के कारण यहां से लोग अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए बहुत दूर-दूर तक जाने को मजबूर थे
2005 में मंजीरा देवी के नाम से एक b.ed कॉलेज की नींद रखी।
हाल ही में अब एक विश्वविद्यालय की मान्यता मिल गई है जिससे कि उत्तरकाशी जिला के लोगों में काफी खुशी जाहिर कर रहे हैं ।
भागीरथी नदी के किनारे बसा हीटाणु गांव आज काफी सुप्रसिद्ध हो गया है जहा एक शिक्षा का हाब बना चुका है ।
जहां नर्सरी से लेकर बीएससी नर्सिंग मेडिकल के कोर्स किए जाते अब शिक्षा के लिए लोगों को यहां से दूर नहीं जाना पड़ता है बल्कि। अन्या राज्यों से भी जैसे पंजाब महाराष्ट्र गुजरात हरियाणा से बच्चे यहां पढ़ने आ रहे है।



